28 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सोशल मीडिया पर सामान्य अस्पताल की रेटिंग अच्छी… मगर लोगों के कमेंट नेगेटिव

अलवर का सामान्य अस्पताल हर महीने हजारों मरीजों का उपचार कर रहा है। लोग यहां के इलाज से संतुष्ट भी हैं और सोशल मीडिया पर अस्पताल को अच्छी रेटिंग भी मिल रही हैं, लेकिन यहां के स्टाफ के व्यवहार से लोग खफा हैं। लोगों का कहना है कि उनका मरीजों के साथ व्यवहार खराब है।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Umesh Sharma

May 28, 2026

rajiv gandhi hospital

अलवर का सामान्य अस्पताल

सोशल मीडिया के युग में लोग कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसका रिव्यू और उस प्रोडक्ट को लेकर लोगों के कमेंट्स पढ़ते हैं। इसके आधार पर ही उस प्रोडक्ट को खरीदने का निर्णय लेते हैं। यही बात अस्पताल और चिकित्सकों पर भी लागू होती है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय को सोशल मीडिया पर अच्छी रेटिंग मिली हुई है, लेकिन साथ ही लोगों के ज्यादातर कमेंट नकारात्मक हैं। खासकर अस्पताल के स्टाफ को लेकर लोगों का कहना है कि उनका मरीजों के साथ व्यवहार खराब है।
ऑनलाइन फीडबैक में एक ओर जहां डॉक्टरों की सेवाओं और इलाज की सराहना की गई है, वहीं दूसरी ओर चिकित्साकर्मियों के व्यवहार, लंबी कतार, साफ-सफाई और मशीनों की खराब स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई गई है। इन शिकायतों के बावजूद कई लोगों ने यह भी लिखा कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद यहां इलाज की सुविधा उपलब्ध हो जाती है और डॉक्टर मरीजों को ध्यान से देखते हैं। कुछ मरीजों ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अस्पताल की सेवाओं को राहत देने वाला बताया।

व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत

सरकारी अस्पतालों की छवि केवल अस्पताल परिसर तक सीमित नहीं रह गई है। इलाज के बाद मरीजों की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने अनुभव साझा किए जा रहे हैं। अलवर के जिला अस्पताल के मामले में भी यही तस्वीर सामने आई है। कई मरीजों ने लिखा कि डॉक्टरों का व्यवहार अच्छा रहा और इलाज भी ठीक मिला, लेकिन अन्य व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। सबसे अधिक शिकायत चिकित्साकर्मियों और अन्य स्टाफ के व्यवहार को लेकर दर्ज की गई हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि मरीजों और परिजनों से बात करने का तरीका संतोषजनक नहीं होता, जिससे अस्पताल आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना- रिव्यू का बड़ा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन रिव्यू अब सरकारी संस्थानों के लिए जनता का सीधा फीडबैक बन चुके हैं। पहले लोग अपनी शिकायतें केवल अस्पताल प्रशासन तक सीमित रखते थे, लेकिन अब वे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।

यह भी लिख रहे लोग

-पर्ची बनवाने, जांच करवाने और डॉक्टर से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है
-टॉयलेट और वार्ड की सफाई व्यवस्था कमजोर है, इसे मजबूत करने की जरूरत
-जांच मशीनों की स्थिति खराब, सोनाग्राफी के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार