अलवर

सभापति की कुर्सी के लिए जंगल में हाई वोल्टेज ड्रामा

अलवर नगर परिषद सभापति चुनाव से पांच दिन पहले गुरुवार को टहला के तालाब स्थित एक रिसोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। फिल्मी अंदाज में कई गाडिय़ों में भरकर लोग आए और होटल में तोडफ़ोड़ व मारपीट कर भाजपा की बाड़ेबंदी से तीन निर्दलीय पार्षदों को निकाल ले गए।
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Nov 22, 2019
सभापति की कुर्सी के लिए जंगल में हाई वोल्टेज ड्रामा
सभापति की कुर्सी के लिए जंगल में हाई वोल्टेज ड्रामा

अलवर. अलवर नगर परिषद सभापति चुनाव से पांच दिन पहले गुरुवार को टहला के तालाब स्थित एक रिसोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। फिल्मी अंदाज में कई गाडिय़ों में भरकर लोग आए और होटल में तोडफ़ोड़ व मारपीट कर भाजपा की बाड़ेबंदी से तीन निर्दलीय पार्षदों को निकाल ले गए। घटनाक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप जड़ रही हैं, लेकिन घटना को लेकर कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
टहला के तालाब स्थित वन छवि रिसोर्ट में भाजपा की ओर से निर्दलीय पार्षदों की बाड़ाबंदी की हुई थी। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे यहां करीब 25 गाडिय़ों में सवार होकर फिल्मी अंदाज में कई लोग पहुंचे और सीधे होटल के अंदर घुस गए। वहां कुछ देर होटल के गार्डन में भाजपा के पदाधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद अचानक से होटल पर धावा बोल दिया। होटल में तोडफ़ोड़ और मारपीट शुरू कर दी। होटल के कमरों की कुंडी और ताले तोडकऱ वहां से तीन निर्दलीय पार्षदों को निकाल कर अपनी गाडिय़ों में बैठाकर ले गए। घटनाक्रम के बार अलवर की राजनीति में बवाल मच गया। भाजपा पदाधिकारियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और स्वयं मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बिशनाराम विश्नोई पुलिस जाप्ते के साथ होटल पहुंचे और मौका-मुआयना करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

ये हैं भाजपा के आरोप

अलवर शहर से भाजपा विधायक संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि हमने टहला स्थित एक रिसोर्ट में निर्दलीय पार्षदों को रखा हुआ था। कांग्रेस सरकार के मंत्री टीकाराम जूली और कार्यकारी जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा ने अपने गुंडों के साथ हमारे कैम्प पर हमला किया है। वहां उनके साथ पुलिस भी थी। शर्मा ने कहा कि हमें पार्षदों का फोन आया कि होटल को घेर लिया गया है। कांग्रेस के नेता आपराधिक छवि के लोगों के साथ जबरन होटल में घुसे और कमरे के ताले तोडकऱ हमारे एक पार्षद धारा सिह को उठाकर ले गए। वहीं, दो पार्षद अपनी मर्जी से उनके साथ गए हैं। हमने डीजी, अलवर एसपी और जिला कलक्टर को मामले से अवगत करा दिया है। जल्द ही इस मामले में एफआईआर दी जाएगी।

कांग्रेस का पलटवार

श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि हमें सूचना मिली कि कुछ निर्दलीय पार्षदों को जबरदस्ती होटल में बंधक बनाया हुआ है। पार्षदों ने खुद लोगों को फोन किया, तभी वहां कुछ लोग पहुंचे। पार्षदों ने फोन कर कहा कि हमें लेकर जाएं, हम कांग्रेस के साथ जाना चाहते हैं। श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने वहां खुद के मौजूद होने को सिरे से नकार दिया। जूली ने होटल में घुसकर तोडफ़ोड़ और मारपीट वाली बात पर कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।

गेट कूदकर घुसे, डीवीआर भी ले गए

वन छवि होटल के मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि 19 नवम्बर को अलवर के मालवीय नगर निवासी पवन जैन ने उनके होटल में 8 कमरे बुक कराए थे। अगले दिन 5 कमरे और बुक कराए। जिनमें लोग ठहरे हुए थे। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे 15-20 गाडिय़ों में कुछ लोग होटल में आए। उन्होंने पवन जैन और उनके साथ होटल में ठहरे लोगों से मिलने की बात कही। होटल स्टाफ ने पवन जैन को बुलाया। उन्होंने आपस में कुछ देर बातचीत की। इसके बाद तीन-चार लोग होटल के गार्डन में गए। कुछ लोग होटल के गेट से कूदकर अंदर घुस आए और होटल का गेट खोल दिया। इसके बाद उनके साथी गाडिय़ों से होटल के अंदर आ गए। ये लोग जबरदस्ती होटल के 2-3 कमरों की कुंडी तोडकऱ कुछ लोगों को अपने साथ ले गए। स्टाफ ने घटना की वीडियो बनानी चाही तो उन लोगों ने मोबाइल भी छीनने की कोशिश की। साथ ही होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी ले गए। ये किस पार्टी के लोग हैं इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
एफआईआर दर्ज नहीं कराई

अलवर शहर विधायक संजय शर्मा की ओर से मोबाइल पर सूचना दी थी कि टहला के एक होटल में उनकी बाड़ेबंदी से कांग्रेस के कुछ जबरन लोग तीन पार्षदों को ले गए है। उन्होंने कांग्रेसियों पर होटल में तोडफ़ोड़ और मारपीट के आरोप भी लगाए। इसके तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों ने होटल पहुंच घटनाक्रम की जानकारी ली। घटना के सम्बन्ध में भाजपा और होटल प्रबंधन की तरफ से फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
- परिस देशमुख, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।

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मर्जी से गया था और मर्जी से ही आया हूं

भाजपा की बाड़ेबंदी से बाहर आए वार्ड-14 के निर्दलीय पार्षद धर्मपाल सिंह तंवर ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि चुनाव जीतने के बाद उनके पास भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नरुका आए थे। उनके कहने पर वह अपनी मर्जी से भाजपा के साथ गए थे। उन्हें होटल में ले जाकर चोर-डाकूओं की तरह से कमरों में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया गया। जिसका उन्होंने विरोध भी किया, लेकिन ताला नहीं खोला। इस बात से उन्हें गुस्सा आ गया। गुरुवार होटल में घूम रहे तीन-चार लडक़ों से उन्होंने कमरे के गेट का ताला तुड़वाया और वहां से निकलकर आ गए। अब वह अपनी मर्जी से ही कांग्रेस में आए हैं। समर्थन के लिए उनकी दोनों में से किसी भी पार्टी से 10 पैसे की भी डील नहीं हुई है।

Published on:
22 Nov 2019 06:00 am