
भिवाडी. पावटी गांव की 18 बीघा जमीन के नकली मालिक बन उसे डेढ़ करोड़ रुपए में बेचने की कोशिश करने के आरोप में फूलबाग पुलिस ने शनिवार को एक महिला सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया है। जमीन की अग्रिम राशि (टोकन मनी) बतौर तीनों ने खरीददार से दो लाख रुपए नकद व तीन लाख रुपए का चेक भी ले लिया। इसके बाद दूसरी किश्त के 50 लाख रुपए लेने पहुंचे तो भेद खुलने पर उन्हें ग्रामीणों ने पुलिस को सौंप दिया।
एएसआई सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि जसवंत दायमा पुत्र जगराम दायमा निवासी मिलकपुर भिवाड़ी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मुकीम पुत्र मोहम्मद मेव निवासी शाहपुर नंगली, नंूह मेवात, अकरम उर्फ इफराइल पुत्र रमजान निवासी गोयला तावडू , सहाबुुदीन निवासी पावटी तथा पुष्पादेवी पत्नी भगवान निवासी राधे कॉलोनी तावडू नंूह मेवात ने 7 जुलाई को पावटी गांव में अपने आपको 18 बीघा जमीन का मालिक बताकर डेढ़ करोड़ रुपए में बेचान का सौदा तय किया था। इसके लिए 7 जुलाई को पुष्पा सरोज बनकर तथा उसके साथ मुकीम सरोज का भाई नरेंद्र यादव और अकरम समीर बनकर मिले।
जिस पर पीडि़त ने इनको डेढ़ करोड़ के सौदे की टोकन मनी के 2 लाख रुपए कैश और 3 लाख रुपए का चेक कुल मिलाकर 5 लाख रुपए अग्रिम के रूप में दिए। जिसकी आरोपियों द्वारा रसीद भी प्रदान की गई। लेकिन ïआरोपियों ने भुगतान के लिए बैंक में चेक नहीं लगाया, तो जसवंत को थोड़ा शक हुआ और वह फर्रुखनगर जाकर असली मालिक सरोज यादव से मिला तथा उन्हें सारी घटना बताई। जिस पर सरोज यादव ने जसवंत को अपनी जमीन बेचने से इंकार किया। इस पर जसवंत ने पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद जब दोनों युवक और युवती खिजूरीवास में दूसरी किश्त में दिए जाने वाले 50 लाख रुपए लेने आए, तो जसवंत ने उनसे पूछताछ की। इस पर आरोपी खुद को घिरा देख भागने की कोशिश करने लगे। जिस पर ग्रामीणों की मदद से एक महिला सहित तीन लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में ठगी के और भी मामलों का पर्दाफाश हो सकता है। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों में से पुष्पा नामक महिला एक एनजीओ एवं किसी राजनैतिक दल से भी जुड़ी हुई है।