
मेहंदी, हल्दी व शादी के लिए होटल-रिसोर्ट हुए बुक
देवउठनी एकादशी से वेङ्क्षडग सीजन शुरू होने वाला है। इन दिनों युवाओं में डेस्टिनेशन वेङ्क्षडग का क्रेज बना हुआ है। ज्यादातर युवा चाहते हैं कि उनकी शादी यादगार बने। इसलिए वेङ्क्षडग के लिए नई जगह की तलाश करते हैं। वेङ्क्षडग डेस्टिनेशन के रूप में अलवर अलवर युवाओं की पसंद बनने लगा हैं। देश भर के लोगों के साथ साथ एनआरआई दूल्हा दूल्हन भी अलवर में शादी के लिए आ रहे हैं।
होटल व रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन खंडेलवाल ने बताया कि अलवर में करीब एक दर्जन से ज्यादा बड़े होटल हैं और करीब पांच से ज्यादा बडे पैलस हैं, जहां शादी शादियां होती हैं। ज्यादातर में नवंबर से लेकर फरवरी तक बुङ्क्षकग हैं। फिल्मी कलाकारों व नामचीन लोगों की तरह शाही शादी करने के इच्छुक देशी विदेशों युवक- युुवती यहां आ रहे हैं। ज्यादातर ने मेहंदी व शादी के लिए ऑनलाइन बुङ्क्षकग करवाई है।
केसरोली में होटल के मैनेजर विपुल ने बताया कि अलवर में शादी करना जयपुर, जोधपुर व उदयपुर के बडे किलों से अधिक सस्ता रहता है। दिल्ली व जयपुर के नजदीक होने के कारण एनआरआई यहां शादी के लिए आते हैं। पिछले महीने ही यूके में रहने वाले एनआरआई युवक- युवती की वेङ्क्षडग हुई है। आगामी दिनों में नवंबर से दिसंबर तक के लिए होटल बुक हैं। इसके बाद जनवरी व फरवरी में अच्छी बुङ्क्षकग हैं। इसके साथ ही तिजारा व नीमराणा में इस बार अच्छी बुङ्क्षकग हैं।
यादगार होते हैँ शादी के पल: होटल संचालक योगेश भेडी ने बताया कि जैसलमेर, जोधपुर के साथ वेङ्क्षडग के लिए अलवर बहुत पसंद किया जा रहा है। यहां के ज्यादातर किले पहाडियों पर बने हुए हैं जो सजने के बाद सुंदर लगते हैं। नवंबर व दिसंबर में अच्छी तैयारी है। राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति भी होती है।
रॉयल वेङ्क्षडग के लिए अलवर बेहतर
होटल संचालक राम बिहारी कौशिक ने बताया कि अलवर का मौसम वेङ्क्षडग के अनुकूल रहता है। रॉयल वेङ्क्षडग के लिए एडवांस बुङ्क्षकग हो गई है। तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। शहनाई, घोडी आदि का भी इंतजाम, मेहमानों के लिए खास व्यवस्थाएं की गई है। ज्यादातर लोग दिल्ली, यूपी, मुंबई, हैदराबाद, पुणे आदि बड़े शहरों से यहां आते हैं। यह शादी यादगार होती है।