- अलवर, मत्स्य नगर और तिजारा डिपो से कई महत्वपूर्ण रूटों पर नहीं चल रही बसें - यात्रियों को बसें बदलकर करना पड़ रहा सफर
अलवर. एनसीआर में शामिल अलवर जिला भले ही देश और प्रदेश की राजधानी के मध्य में स्थित हो, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर यहां ज्यादा विकास नहीं हो पाया है। आज भी अलवर से कई बड़े शहरों में रोडवेज बसों की सीधी 'कनेक्टिविटी' नहीं है। वहीं, कई शहरों के लिए यहां से चल रही सीधी बस सेवाओं को बंद कर दिया गया है जो अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इस वजह से यात्रियों को कई महत्वपूर्ण रूट्स पर बसें बदलकर सफर करना पड़ रहा है।
पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड नहीं कोई बस सेवा
जिले में अलवर और मत्स्य नगर दो रोडवेज डिपो हैं। वहीं, खैरथल-तिजारा जिले में तिजारा डिपो है। इन तीनों डिपो में फिलहाल 208 ऑन रूट बसें हैं, लेकिन तीनों डिपो से ही पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के किसी भी शहर के लिए एक भी बस सेवा नहीं चलाई जा रही। पंजाब में अमृतसर व लुधियाना, मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व उज्जैन आदि बड़े शहर हैं। हरियाणा के रेवाड़ी, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल व रोहतक भी अलवर से कोई रोडवेज नहीं जाती है। वहीं, राजस्थान के माउंट आबू, बीकानेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और बांसवाड़ा आदि के लिए अलवर से सीधी रोडवेज सेवा नहीं है। इसके अलावा गुजरात के अहमदाबाद के लिए भी यहां कोई बस नहीं चलाई जा रही।
ये बस सेवा बंद हुई, जो आज नहीं हो सकी शुरू
अलवर जिले से मत्स्य नगर डिपो की बीकानेर, देहरादून, अमृतसर व हिसार तथा अलवर डिपो की जम्मू-कटरा के लिए बस चलती थी। बसों के अभाव के कारण कुछ साल पहले इन रूटों पर बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। इन रूटों पर रोडवेज प्रशासन आज तक फिर से बस नहीं चला पाया है।
धार्मिक स्थलों खूब जाते हैं श्रद्धालु
अलवर जिले से खाटूश्यामजी, उज्जैन महाकालेश्वर, वैष्णो देवी और अयोध्या के लिए खूब श्रद्धालु जा रहे हैं, लेकिन रोडवेज प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए अलवर से खाटूश्यामजी मात्र एक बस चला रहा है। वैष्णो देवी, उज्जैन महाकालेश्वर और अयोध्या के लिए एक भी बस नहीं चलाई जा रही।
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फैक्ट फाइल
डिपो बसों की संख्या
अलवर 103
मत्स्य नगर 70
तिजारा 35
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नई बसें आने पर हो सकेगा संचालन
बसों की कमी के चलते कई रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जल्द ही रोडवेज को नई बसें मिलने वाली हैं। नई बसें आने के बाद कुछ नए रूटों पर बसों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
- पवन कटारा, मुख्य प्रबंधक, अलवर आगार।