
अलवर. जिला परिषद की साधारणा सभा की बैठक की शुरूआत किशनगढ़बास क्षेत्र के एक सरकारी छात्रावास में छात्राओं से छेड़छाड़ मामले से हुई। किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया सहित दो अन्य विधायकों ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। विधायक खैरिया ने इतना भी कहा कि इसकी पूरी पड़ताल हुई तो उन लोगों की हकीकत भी सामने आ जाएगी जिनका आए दिन वहां आना-जाना रहा है। वहां जाने वाली कार के नम्बरों के आधार पर गंभीरता से जांच करने की जरूरत है।
जिला परिषद सदस्य व विधायकों ने कहा कि बालिका छात्रावासों की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिला परिषद सदस्य चन्द्रभान गुर्जर ने कहा कि सभी महिला छात्रावासों की जांच करने की जरूरत है। कोशिश करें कि महिला छात्रवासों में प्रवेश करने वालों पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएं। कई छात्रावासों के भवन असुरक्षित हैं। शौचालय गिराऊ हालात में हैं। इस पर सीईओ विनय नगायच ने तुरंत अधिकारियों को आदेश दिए कि भवनों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट भेजें। सब छात्रावासों में सुझाव पेटी लगाई जाएं। अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समसा चाणक्यलाल शर्मा ने बताया कि जांच समिति मामले की जांच कर रही है। दो जनों को निलम्बित किया जा चुका है। बैठक में आए सुझावों के आधार पर जांच की जाएगी।
नोकझोंक रही पार्षदों में
बैठक में जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक के नहीं आने को लेकर जिला पार्षद व विधायकों में हल्की नोकझोंक रही। विधायक जौहरीलाल मीना ने कहा कि पुराने समय से बिगड़ा हुआ मामला अब धीरे-धीरे ही सुधर सकेगा। उप जिला प्रमुख ने कहा कि पिछली सरकार की स्वीकृत रोड नहीं बन रही है। चन्द्रभान गुर्जर ने कहा कि पहले कभी बोले नहीं, अब उल्टे आरोप लगाने लगे हैं। पार्षद अरविन्द यादव ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों के बिना किसके सामने अपनी बात रखेंगे।