Alwar Kali Mori Underpass: जैसे ही काली मोरी अंडरपास बना, पटरी पार रहने वाले लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। अंडरपास बनने से सीधा लाभ 30 से अधिक कॉलोनियों को मिलेगा।
अलवर। आखिरकार पटरी पार का एरिया मुख्य शहर अलवर से जुड़ ही गया। रविवार को काली मोरी अंडरपास बनकर तैयार हो गया। इस काम के लिए 11 ट्रेनों का डायवर्जन किया गया। पीडब्ल्यूडी से लेकर रेलवे के 8 इंजीनियरों व 100 से अधिक श्रमिकों ने लगातार 8 घंटे काम किया। 10 ब्लॉक्स फिट किए। इस अंडरपास का लाभ पटरी पार की 17 वार्डों की 30 से अधिक कॉलोनियों में रह रहे लोगों को मिलेगा।
जैसे ही काली मोरी अंडरपास बना, पटरी पार रहने वाले लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। अंडरपास बनने से सीधा लाभ 30 से अधिक कॉलोनियों को मिलेगा। बाकी काम पीडब्ल्यूडी दो माह में पूरा करेगा। बताते हैं कि अंडरपास का शुभारंभ अगस्त तक होने के आसार है। वहीं, शाम छह बजे से पहले ही पीडब्ल्यूडी ने कार्य पूरा कर दिया।
रेलवे ने लाइन चैक करके शाम साढ़े छह बजे यहां से ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया। सुबह साढ़े आठ बजे ही काली मोरी के आसपास के एरिया की बिजली काट दी गई। रोडवेज से लेकर निजी बसें, चोपहिया वाहनों को भवानी तोप सर्किल से डायवर्ट कर दिया गया। ईटाराणा व सामोला जाने व आने वाले वाहन चालकों को हनुमान सर्किल व भवानी तोप सर्किल से निकाला गया।
सुबह 10 बजे अंडरपास वाली जगह की पटरियां हटा दी गई और उसके बाद 6 जेसीबी लगाकर खुदाई शुरू कर दी गई। एक ही घंटे में आरपार रास्ता बन गया। भीड़ यहां देखने उमड़ी। लोग वीडियो बनाते नजर आए।
पीडब्ल्यूडी की एक्सईएन अल्का व्यास का कहना है कि अंडरपास के लिए ब्लॉक्स डाल दिए गए हैं। करीब दो माह में बाकी कार्य पूरा हो जाएगा। लोगों से अपील है कि वह अंडरपास के आसपास से न गुजरें, अभी कार्य प्रगति पर है।
शहर के पटरी पार एरिया में 17 वार्ड आते हैं। मुख्य शहर आने के लिए इन लोगों को ईटाराणा ओवरब्रिज के अलावा अग्रसेन ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ता है। तमाम लोग काली मोरी से रेल ट्रैक पार करके आते-जाते रहे, जिससे जोखिम बना रहा। करीब चार साल पहले यहां अंडरपास मंजूर किया गया। 3 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। बाद में यह राशि 4.48 करोड़ हो गई।
रेलवे का ब्लॉक नहीं मिलने के कारण यह काम अटका हुआ था। अब इस अंडरपास के बनने से वार्डो की जनता इसके जरिए मुख्य शहर आ-जा सकेगी। कोचिंग व कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पटरी पार बने बिजली कार्यालय, पॉलीटेक्निक कॉलेज आदि कार्यालय तक लोगों की पहुंच आसान हो सकेगी।