पंचायती राज चुनाव में घाटा न हो जाए, इसलिए राज्य सरकार ने प्रदेश व्यापी बिजली संकट के दौर में भी अलवर एवं धौलपुर जिलों में बिजली कटौती करने के आदेश जारी नहीं किए, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर एक से चार घंटे तक अघोषित बिजली कटौती जारी है।
अलवर. पंचायती राज चुनाव में घाटा न हो जाए, इसलिए राज्य सरकार ने प्रदेश व्यापी बिजली संकट के दौर में भी अलवर एवं धौलपुर जिलों में बिजली कटौती करने के आदेश जारी नहीं किए, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर एक से चार घंटे तक अघोषित बिजली कटौती जारी है। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय पर भी दीपावली पूर्व मेंटेनेंस के चलते शहरी इलाके दिन में कई घंटे तक बिजली सप्लाई गुल रहती है।
कोयले की कमी के चलते इन दिनों प्रदेश में बिजली संकट चरम पर है। कोयला चलित कई बिजली उत्पादन संयंत्र ठप हैं। विद्युत की कमी के संकट से उबरने के लिए पिछले दिनों बिजली निगमों की ओर से गांव व शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग समयावधि के लिए बिजली कटौती आदेश जारी किए थे। विद्युत निगम की ओर से जयपुर वृत्त के लिए जारी आदेशों में अन्य जिलों में बिजली कटौती के लिए आदेश जारी कर दिए, लेकिन अलवर व धौलपुर जिलों के नाम उन आदेशों में शामिल नहीं रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोज हो रही अघोषित कटौती
आदेश नहीं होने के बाद भी जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अलग- अलग समय में एक से चार घंटे तक बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। हालांकि पिछले दिनों जिले में बिजली की उपलब्धता में सुधार आया है और अघोषित बिजली कटौती के समय भी कमी आई है। लेकिन शुरुआती दौर में कई ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे तक बिजली की अघोषित कटौती की मार झेलनी पड़ी।
सरकार ने दिए बिजली बचाने के आदेश
बिजली संकट को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने लोगों से बिजली बचाने, अनावश्यक बिजली उपभोग नहीं करने की अपील की थी। वहीं विद्युत निगम प्रशासन की ओर से बिजली बचाने के आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में सरकारी कार्यालयों में एसी व कूलर का उपयोग नहीं करने, अनावश्यक बिजली का उपभोग नहीं करने के आदेश दिए गए हैं।
पंचायती राज चुनाव के बाद हो सकता है संकट
प्रदेश में बिजली का संकट लंबे समय तक बरकरार रहा तो पंचायती राज चुनाव पूरा होने के बाद अलवर जिले को भी घोषित लंबी बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जिले में पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया पूरी होने में करीब 15 दिन का समय शेष है। अभी प्रदेश में बिजली संकट खत्म होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।