
अलवर. alwar letest news एक ओर सरकारी कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार कर रहे हैं, वहीं प्रदेश का एक विभाग ऐसा भी जहां अब भी कार्मिक पांचवें वेतन आयोग से वेतन लेने को मजबूर हैं। बुनकर संघ एक दशक से हानि में चल रहा है, इतना ही नहीं संघ से सेवानिवृत्ति पर देय परिलाभ ग्रेज्यूटी एवं उपार्जित अवकाश का 196 लाख रुपए बकाया है। यह खुलासा खुद बुनकर संघ के प्रबंध संचालक ने सहायक शासन सचिव उद्योग (ग्रुप-2) को भेजे पत्र में किया है।
राजस्थान राज्य बुनकर सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध संचालक ने सहायक शासन सचिव उद्योग को भेजे पत्र में बताया कि बुनकर संघ की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। कई कार्मिकों का भुगतान बकाया है, जिनका वरीयता के आधार पर उपलब्ध फण्ड के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। इतना ही नहीं संघ से सेवानिवृत्त कार्मिकों को परिलाभ भुगतान समय पर नहीं किया जा सका है।
alwar letest news 33 कार्मिकों का 196 लाख बकाया
संघ से सेवानिवृत्त हुए 33 कार्मिकों का 196 लाख सेवानिवृत्ति पर देय परिलाभ बकाया हैं। जिसमें 6 मृतक कर्मचारी शामिल हैं।
आज भी पांचवें वेतन आयोग से भुगतान
संघ के प्रबंध संचालक आरके आमेरिया ने पत्र में खुलासा किया कि संघ में आज भी कार्मिकों को भुगतान पांचवें वेतन आयोग से किया जा रहा है। जिसका भी समय पर भुगतान करने के लिए फण्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा कार्मिकों का भविष्य निधि का भुगतान भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को किया जाना शेष है।
इस कारण संघ की सच्चाई सामने आई
बुनकर संघ में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुभाषचंद जैन के14 हजार 669 राशि के बिल भुगतान के लिए भिजवाए गए थे। वहीं जैन सहित अन्य कार्मिकों का यात्रा बिल का भुगतान भी बकाया है। जैन का करीब 75 हजार 131 रुपए का भुगतान बकाया है। कर्मचारी जैन ने बकाया भुगतान के लिए अखिल राजस्थान कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) जिला अलवर से सम्पर्क किया। इस पर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पंकज शर्मा बताया कि इस मामले में संघ व सरकार स्तर पर प्रयास किए। नतीजतन संघ के प्रबंध संचालक ने सहायक शासन सचिव उद्योग (ग्रुप-2) को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैन के बकाया भुगतान को लेकर संघ की स्थिति स्पष्ट की है।