अलवर. जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ है, इसके चलते प्रशासन ने अब शनिवार को बाजार खोलने सहित अन्य पाबंदियां हटा ली हैं, लेकिन सार्वजनिक पार्कों में आमजन के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटने का अभी इंतजार है।
अलवर. जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ है, इसके चलते प्रशासन ने अब शनिवार को बाजार खोलने सहित अन्य पाबंदियां हटा ली हैं, लेकिन सार्वजनिक पार्कों में आमजन के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटने का अभी इंतजार है।
कोविड-19 के प्रकरणों में अप्रत्याशित वृद्धि के चलते जिला प्रशासन ने गत 22 नवम्बर को जिले में सार्वजनिक पार्कों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसी आदेश में अलवर शहर में हर शनिवार को बाजार बंद रखने के आदेश भी शामिल थे। वहीं रात्रिकालीन कफ्र्यू की सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए गए थे। कोरोना का संक्रमण कम होने पर प्रशासन ने जिले में रात्रिकालीन कफ्र्यू खत्म कर दिया, वहीं शनिवार को बाजार खोलने की छूट दे दी। इतना ही नहीं विभिन्न आयोजनों के लिए प्रशासन से ली जाने वाली अनुमति में भी छूट देकर केवल सूचना देने की अनिवार्यता रखी, लेकिन सार्वजनिक पार्क खोलने को लेकर अलग से आदेश जारी नहीं हुए। इस कारण लोगों में अभी पार्क खुलने को लेकर असमंजस है।
पार्कों में कम संख्या में पहुंच रहे लोग
सार्वजनिक पार्कों को खोलने पर लगाई पाबंदी के कारण लोग सार्वजनिक पार्कों में अब दिखाई नहीं पड़ रहे। कोरोनोकाल से पहले अलवर के कम्पनी बाग में सुबह के समय घूमने वालों की पहले भीड़ रहती थी, लेकिन अब सुबह लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है। वहीं दोपहर के समय कम्पनी बाग में वरिष्ठजन सहित अन्य लोगों की भीड़ रहती थी, लेकिन दोपहर में लोग नहीं दिखते। इसी तरह नेहरू गार्डन में भी सुबह व शाम घूमने वालों की संख्या पहले काफी होती थी, लेकिन अब लोग पार्क में दिखाई नहीं देते हैं।
पार्कों पर लगे ताले
कम्पनी बाग विकास समिति के अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने बताया कि गत 22 नवम्बर को प्रशासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद से ही कम्पनी बाग के गेट बंद हैं। पार्क में सुबह, दोपहर व शाम को लोगों के आने पर पाबंदी है। पार्क में दिन भर सन्नाटा छाया रहता है।
सरकार के आदेश का इंतजार
सार्वजनिक पार्क खोलने को लेकर अभी राज्य सरकार के आदेश का इंतजार है। सरकार के आदेश मिलते ही पार्कों में आमजन के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी।
उम्मेदीलाल मीणा
अतिरिक्त जिला कलक्टर अलवर