राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से अलवर जिले को एक और सौगात मिली है। अब एनएचएआई की ओर से हरियाणा के पनियाला से अलवर जिले के बडोदामेव तक करीब 86 किलोमीटर लम्बा नेशनल हाइवे स्वीकृत किया गया है, जिला प्रशासन ने भी नेशनल हाइवे निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अलवर. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से अलवर जिले को एक और सौगात मिली है। अब एनएचएआई की ओर से हरियाणा के पनियाला से अलवर जिले के बडोदामेव तक करीब 86 किलोमीटर लम्बा नेशनल हाइवे स्वीकृत किया गया है, जिला प्रशासन ने भी नेशनल हाइवे निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एनएचएआई की ओर से हरियाणा के पनियाला मोड से अलवर जिले के बडोदामेव तक नया नेशनल हाइवे बनाया जाएगा। यह हाइवे बिल्कुल नया होगा और इसमें किसी रोड को चौड़ा कर हाइवे बनाने के बजाय नए सिरे से इसका निर्माण कराया जाएगा। इस कारण एनएचएआई को अलवर जिले में 1748 हैक्टेयर भूमि अवाप्त करने की जरूरत होगी। यह हाइवे कोटपूतली क्षेत्र से भी गुजरेगा, इसलिए वहां भी 74.76 हैक्टेयर भूमि अवाप्त करने की जरूरत है। पनियाला मोड से बडोदामेव तक इस नेशनल हाइवे की लम्बाई 86 किलोमीटर होगी। फिलहाल इसे फोर लेन बनाया जाएगा, बाद में जरूरत के हिसाब से इसका विस्तार किया जा सकेगा। नए नेशनल हाइवे पर एक्सेस कंट्रोल, वाईफाई, कैमरे व स्मार्ट ड्राइविंग, स्पीड कंट्रोल जैसी सुविधाएं होंगी। हाईवे के लिए एनएचएआई अन्य विभाग रूट व अलाइनमेंट निर्धारित कर रहे हैं।
नए हाइवे निर्माण से हो सकेगा कश्मीर व मुम्बई से जुड़ाव
पनियाला मोड से बडोदामेव तक हाइवे निर्माण होने पर अलवर जिले का जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा के शहरों व मुंबई हाइवे से जुड़ाव हो सकेगा। इस हाइवे की खास बात यह कि यह मार्ग जिस भी क्षेत्र से गुजरेगा, वहां विकास को गति देगा। कारण है कि यह हाइवे पूरी तरह नए सिरे से बनाया जाएगा। यहां भूमि अवाप्ति होने से किसानों के पास मोटी रकम आएगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। वहीं यह हाइवे जिस भी क्षेत्र से गुजरेगा वहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे तथा व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
नेशनल हाइवे संख्या 148 बी होगा
भूतल परिवहन मंत्रालय की ओर से पनियाला मोड़ से अलवर के बड़ोदामेव तक स्वीकृत नए नेशनल हाइवे को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 148 बी का नाम दिया गया है। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी तेजी से शुरू कर दी है। हाईवे निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है, हालांकि यह अभी प्रारंभिक चरण में हैं। नेशनल हाइवे निर्माण के लिए 100 मीटर जमीन अवाप्त की जाएगी, जिसमें 60 मीटर भूमि पर हाईवे का निर्माण किया जाएगा। यह जमीन से ऊंचाई पर बनाया जाएगा। इसके आसपास क्षेत्र में पेड़ पौधे लगाए जाएंगे व सर्विस लाइन बनाई जाएगी।
कहां से होकर गुजरेगा हाईवे
हाईवे पनियाला मोड़ से कोटपूतली, बानसूर, मुंडावर, किशनगढ़ बास, अलवर, रामगढ़ लक्ष्मणगढ़ से होता हुआ दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस- वे से जुड़ेगा। इसका रूट निर्धारित हो चुका है। कोटपूतली क्षेत्र में इसकी लंबाई .305 किलोमीटर रहेगी। जबकि अलवर में इसकी लंबाई करीब 86 किलोमीटर है।
56 गांव की जमीन का होगा अधिग्रहण
हाईवे के लिए कुल 56 गांव की जमीन का अधिग्रहण होगा। इस हाइवे में कोटपूतली के दो, बानसूर के 14, मुंडावर के 9, अलवर के 18, किशनगढ़बास के दो, रामगढ़ के 9 व लक्ष्मणगढ़ के 2 गांव की जमीन शामिल होगी। इन गांवों के बीच से होकर हाईवे गुजरेगा।
इंटरचेंज, अंडर पास व फ्लाईओवर बनेंगे
हाइवे का डिजाइन तैयार हो रहा है। इस पर जरूरत के हिसाब से इंटरचेंज, अंडर पास व फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। हालांकि इनकी संख्या अभी निर्धारित नहीं हुई है।