मुम्बई एक्सप्रेस वे निर्माण के बाद अब पनियाला मोड से बडोदामेव तक नया नेशनल हाइवे निर्माण से अलवर जिले की विकास की राह खुल सकेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से अलवर जिले में हरियाणा के पनियाला मोड से बडोदामेव तक करीब 86 किलोमीटर लम्बा नेशनल हाइवे स्वीकृत किया गया है।
अलवर. मुम्बई एक्सप्रेस वे निर्माण के बाद अब पनियाला मोड से बडोदामेव तक नया नेशनल हाइवे निर्माण से अलवर जिले की विकास की राह खुल सकेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से अलवर जिले में हरियाणा के पनियाला मोड से बडोदामेव तक करीब 86 किलोमीटर लम्बा नेशनल हाइवे स्वीकृत किया गया है।
अलवर जिले को एक के बाद एक नए नेशनल हाइवे निर्माण की सौगात मिलने से विकास की संभावनाओं को पंख लगे हैं। जिले में दिल्ली-जयपुर वाया बहरोड़ होते नेशनल हाइवे पहले से ही है। वहीं भिवाड़ी- महुआ मेगा हाइवे का निर्माण भी कई साल पहले ही हो चुका है। वहीं भिवाड़ी- जयपुर वाया अलवर मार्ग भी हाइवे के समान होने से आसपास के क्षेत्र में विकास की राह आसान हुई है। अब मुम्बई एक्सप्रेस वे निर्माण अगले साल पूरा होने पर रामगढ़, रैणी, लक्ष्मणगढ़ आदि क्षेत्रों का विकास भी तेजी से हो सकेगा। वहीं एनएचएआई की ओर से अब अलवर जिले में हरियाणा के पनियाला मोड से बडोदामेव तक एक और नेशनल हाइवे स्वीकृत किया है। इससे भी अलवर जिले के विकास को पंख लगना तय है।
खास बात यह कि नया नेशनल हाइवे 148 बी के निर्माण से बानसूर, मुण्डावर, किशनगढ़बास, अलवर, रामगढ़, लक्ष्मणगढ़ आदि क्षेत्रों का विकास होगा।
नए नेशनल हाइवे से उम्मीद ज्यादा
एनएचएआई की ओर से हरियाणा के पनियाला मोड से अलवर जिले के बडोदामेव तक नया नेशनल हाइवे बनाया जाएगा। यह हाइवे नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके लिए अलवर जिले में 1748 हैक्टेयर भूमि अवाप्त करने की जरूरत होगी। अलवर में इसकी लंबाई करीब 86 किलोमीटर है, जिसके लिए 56 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस हाइवे में कोटपूतली के दो, बानसूर के 14, मुंडावर के 9, अलवर के 18, किशनगढ़बास के दो, रामगढ़ के 9 व लक्ष्मणगढ़ के 2 गांव की जमीन शामिल होगी। इन गांवों के बीच से होकर हाईवे गुजरेगा।
ऐसे खुलेगी विकास की राह
नेशनल हाइवे संख्या 148 बी अलवर जिले में उन क्षेत्रों में बनाया जाएगा, जहां अभी बड़े रोड नहीं है। यानि इस हाइवे के लिए अलग से जमीन अधिगृहित की जाएगी। नए क्षेत्रों में नेशनल हाइवे के निर्माण से वहां व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेगी, जमीन अधिग्रहण होने से किसानों के हाथ में पैसा आएगा, जिससे वे व्यवसाय आदि कर सकेंगे। साथ ही नेशनल हाइवे के पास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे। यह हाइवे जिन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, वहां अभी औद्योगिक गतिविधियां कम है। नेशनल हाइवे निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में जमीन के दाम बढऩा तय है। इसका असर भी वहां के विकास पर सीधा पड़ेगा।
रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे
जिले में नेशनल हाइवे निर्माण से रोजगार के संसाधन बढ़ेंगे, जिससे लोगों को ज्यादा संख्या में रोजगार मिल सकेगा। हाइवे निर्माण के दौरान ही हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं हाइवे निर्माण के बाद व्यावसायिक व औद्योगिक गतिविधियां बढऩे से भी नए रोजगार के मार्ग खुलेंगे।
महानगरों से होगा सीधा जुड़ाव
नेशनल हाइवे निर्माण का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जिले का ज्यादातर भागों का महानगरों से सीधा जुड़ाव हो सकेगा, वहीं दिल्ली, जयपुर, गुजरात, महाराष्ट्र के बड़े शहरों से अलवर जिले का जुड़ाव हो जाएगा। वहां के लिए यातायात के साधन सुलभ होने से यहां के लोग वहां रोजगार के लिए आसानी से जा सकेंगे।