अलवर

कांग्रेस व भाजपा बागी नेताओं को नहीं कर पा रही पार्टी से बाहर

विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस व भाजपा के अनेक नेता बागी होकर अपने ही दलों के प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन दोनों प्रमुख दल ऐसे बागी नेताओं को पार्टी के बाहर का रास्ता नहीं दिखा पा रहे हैं। जानिए दोनों दलों की ऐसा क्या मजबूरी है, जो बागी नेताओं को पार्टी से बाहर नहीं कर पा रहे।
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Nov 15, 2023
कांग्रेस व भाजपा बागी नेताओं को नहीं कर पा रही पार्टी से बाहर
कांग्रेस व भाजपा बागी नेताओं को नहीं कर पा रही पार्टी से बाहर

विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार परवान चढ़ने लगा है, ऐसे में चुनाव मैदान में बागी होकर निर्दलीय या अन्य किसी दल से उतरे प्रत्याशियों के भले ही प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों से दिल नहीं मिल रहे हो, लेकिन पार्टी के रिकॉर्ड में अब भी ये प्रत्याशी एक ही दल कार्यकर्ता हैं। इसका कारण है कि कांग्रेस हो या भाजपा अभी तक इन दलों ने अपने किसी बागी नेता पर कार्रवाई नहीं की है। हालांकि प्रदेश स्तर पर भाजपा ने बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन अलवर में अभी एक भी बागी नेता को पार्टी से बाहर नहीं निकाला गया है।

अलवर जिले 11 में से करीब आधी सीटों पर कांग्रेस व भाजपा अपने ही दलों के बागी उम्मीदवारों से जूझ रही है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तक भी ये बागी नेता अलवर जिले की विभिन्न विधानसभा सीटों पर एक- दूसरे को चुनौती देते नजर आ रहे हैं।

कहां कौन किस दल का बागी नेता

थानागाजी में भाजपा के रोहिताश्व घांघल बागी होकर असपा से चुनाव मैदान में हैं। राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ में विधायक जौहरीलाल मीणा कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में हैं, कांग्रेस की शीला मीणा भी निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में डटी हैं। वहीं भाजपा के विजय समर्थलाल मीणा बागी होकर अपने ही दल के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। कठूमर में पूर्व मंत्री भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं रामगढ़ में सुखवंत सिंह भाजपा से बागी होकर असपा से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा किशनगढ़बास से सिमरनजीत कौर कांग्रेस से बगावत कर बसपा से चुनाव मैदान में उतरी हैं, वहीं मुंडावर में अंजलि यादव कांग्रेस से बगावत कर असपा के टिकट पर चुनाव मैदान में डटी हैं।

अभी मान मनोव्वल का दौर जारी

विधानसभा चुनाव प्रचार खत्म होने में करीब 9 दिन का समय बचा है, लेकिन कांग्रेस व भाजपा के रणनीतिकार अब भी विभिन्न सीटों पर चुनौती दे रहे अपने बागी नेताओं को मनाने में जुटी है। यही कारण है कि अभी तक जिले में बागी होकर चुनाव लड़ रहे नेताओं पर न तो भाजपा और न ही कांग्रेस ने उन्हें पार्टी का बाहर रास्ता दिखाने की कार्रवाई की है।

प्रदेश प्रभारी ने दिया दो दिन का समय

अलवर जिले में कांग्रेस के बागी नेताओं को प्रदेश प्रभारी ने दो दिन का समय दिया है। यह समय सीमा संभवत: बुधवार शाम को पूरी होगी। तब तक बागी नेताओं ने अपना निर्णय नहीं बदला तो उनके खिलाफ पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

योगेश मिश्रा
जिलाध्यक्ष, कांग्रेस अलवर

प्रदेश अनुशासन समिति करेगी कार्रवाई

अलवर जिले में भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति को है। संभावना है कि बागी होकर चुनाव लड़ रहे नेताओं ने अपना निर्णय नहीं बदला तो जल्द ही प्रदेश की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
अशोक गुप्ता

जिलाध्यक्ष, भाजपा जिला दक्षिण

Published on:
15 Nov 2023 12:23 am