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NEET Success Story : राजस्थान में एक कमरे से निकले दो होनहार, 2 भाइयों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, जिले का नाम किया रोशन

एक ही कमरा, एक ही सपना और एक जैसी मेहनत… अलवर के दो चचेरे भाइयों ने Re-NEET UG 2026 में शानदार सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि लगन और अनुशासन के साथ की गई तैयारी हर मंजिल आसान बना देती है। दोनों ने साथ रहकर पढ़ाई की और अब एक साथ डॉक्टर बनने की राह पर कदम बढ़ा दिया है।
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अलवर

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Kamal Mishra

Jul 17, 2026

Alwar Brothers Crack NEET

Alwar Brothers Crack NEET: यशवर्धन (नीले टी-शर्ट में) और चिराग (व्हाइट टी-शर्ट में)। (फोटो-पत्रिका)

अलवर। मेहनत, अनुशासन और आपसी सहयोग की बदौलत अलवर के दो चचेरे भाइयों ने Re-NEET UG 2026 में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। दोनों ने एक ही कमरे में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की और अब डॉक्टर बनने की राह पर कदम बढ़ा दिया है। यशवर्धन यादव ने ऑल इंडिया 469वीं रैंक हासिल की, जबकि उनके चचेरे भाई चिराग यादव ने ऑल इंडिया 2875वीं रैंक प्राप्त की। दोनों की सफलता की चर्चा पूरे जिले में हो रही है।

मूल रूप से बहरोड़ क्षेत्र के मिलकपुर गांव निवासी यशवर्धन यादव और चिराग यादव पिछले काफी समय से अलवर के शालीमार क्षेत्र में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दोनों ने पढ़ाई के लिए अलग-अलग रास्ता चुनने के बजाय एक ही कमरे में रहना तय किया। वे रोज साथ पढ़ते, कठिन विषयों पर चर्चा करते और एक-दूसरे की कमजोरियों को दूर करने में मदद करते थे। उनका कहना है कि टीमवर्क और नियमित अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

ओबीसी वर्ग में 14वीं रैंक

री-नीट परीक्षा के परिणाम में यशवर्धन ने ऑल इंडिया 469वीं रैंक के साथ ओबीसी वर्ग में 146वीं रैंक हासिल की। वहीं, चिराग यादव ने ऑल इंडिया 2875वीं और ओबीसी वर्ग में 1073वीं रैंक प्राप्त की। दोनों की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

पिता अधिवक्ता और मां शिक्षिका

यशवर्धन के पिता विकास यादव पेशे से अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी माता संजय कुमारी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। दूसरी ओर, चिराग के पिता दिनेश यादव व्यवसायी हैं और उनकी माता सरिता कुमारी गृहिणी हैं। परिवार का कहना है कि दोनों बच्चों ने शुरू से ही पढ़ाई को प्राथमिकता दी और सफलता के लिए लगातार मेहनत की।

परीक्षा में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं

यशवर्धन ने बताया कि नियमित पढ़ाई, अनुशासित दिनचर्या और रोजाना स्वयं का मूल्यांकन उनकी सफलता का सबसे बड़ा आधार रहा। वहीं, चिराग का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही रणनीति, समय का बेहतर प्रबंधन और लगातार अभ्यास ही अच्छे परिणाम दिलाते हैं। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया।

स्कूली पढ़ाई में भी शानदार प्रदर्शन

स्कूली पढ़ाई में भी दोनों का प्रदर्शन शानदार रहा। यशवर्धन ने 12वीं कक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जबकि चिराग ने 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसी मजबूत शैक्षणिक आधार को उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में भी बनाए रखा।

जयपुर के उपलक्ष्य ने राजस्थान में किया टॉप

गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात Re-NEET UG 2026 का परिणाम जारी किया। इस परीक्षा के जरिए देशभर के 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थी मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र घोषित हुए हैं। राजस्थान से भी कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जयपुर के उपलक्ष्य गोयल ने ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया, जबकि अलवर के इन दोनों चचेरे भाइयों की सफलता ने साबित कर दिया कि समर्पण, निरंतर मेहनत और सही रणनीति के साथ बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।