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अलवर जिला परिषद की बैठक, बाइक पर कुर्सी और हाथ में चक्की लेकर पहुंचे पार्षद

Alwar Zilla Parishad meeting: अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में शुक्रवार को अजीब नजारा देखने को मिला। कांग्रेस और समर्थित पार्षदों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध जताया। एक पार्षद बाइक के पीछे कुर्सी बांधकर पहुंचे, तो दूसरे हाथ में पत्थर की चक्की लेकर सदन में दाखिल हुए।
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alwar zilla parishad meeting

सभा में चक्की लेकर पहुंचे पार्षद (फोटो - पत्रिका)

Alwar Zilla Parishad meeting: अलवर जिला परिषद सभागार में शुक्रवार को जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक बुलाई हुई। इस बैठक में विकास कार्यों और जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह बैठक जनप्रतिनिधियों के अनोखे और तीखे विरोध प्रदर्शन के चलते सुर्खियों में आ गई। कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने मौजूदा सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली के खिलाफ एक ऐसा प्रतीकात्मक मोर्चा खोला, जिसने सबका ध्यान अपनी और आकर्षित किया।

प्लास्टिक की कुर्सी लेकर पहुंचे पार्षद

बैठक में शामिल होने आए कांग्रेस के जिला पार्षद जगदीश जाटव अपनी मोटरसाइकिल के पीछे रस्सी से प्लास्टिक की कुर्सी बांधकर जिला परिषद कार्यालय पहुंचे। जब उनसे इसका कारण पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन पर जनप्रतिनिधियों के अपमान का आरोप लगाया।

जाटव ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ होनी वाली बैठक में जिला प्रमुख जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के लिए कुर्सी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी आशंका के बीच कि, आज भी बैठने की जगह शायद न मिले, वे अपने साथ खुद की कुर्सी लेकर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव है, लेकिन दो साल बाद प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी और टीकाराम जूली सीएम होंगे।

जनता पिस रही है, इसलिए लाया चक्की

इसके अलावा पार्षद संदीप फौलादपुरिया सदन के भीतर पत्थर की एक छोटी घरेलू चक्की (आटा पीसने वाली चक्की) लेकर पहुंच गए। उन्होंने चक्की दिखाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ बड़े-बड़े उद्घाटन कार्यक्रमों में व्यस्त है, जबकि धरातल पर जनता मूलभूत सुविधाओं के अभाव में चक्की की तरह पिस रही है।


संदीप फौलादपुरिया ने शाहजहांपुर क्षेत्र की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इलाके में अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, मेडिकल लैब, जनरेटर, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी बेहद जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कई सरकारी विभागों के दफ्तर खाली पड़े हैं और सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वे केवल कागजी दावों से बाहर निकलें और जनता की असली समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

अधिकारियों को मिले त्वरित कार्रवाई के निर्देश

इस हंगामे और अनूठे प्रदर्शन के बीच बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी। अलवर जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की और सभी जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दों को सुना। उन्होंने बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की जिन भी समस्याओं और कमियों को संज्ञान में लाया है, उन पर नियमानुसार तुरंत एक्शन लिया जाए और आमजन को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए।