
विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान परवान चढ़ने के साथ ही अलवर जिले की सभी सीटों पर अब चुनावी मुकाबला तय होने लगा है। हालांकि सभी 11 सीटों पर मुख्य मुकाबले में कांग्रेस व भाजपा हैं, वहीं कुछ सीटों पर बागी नेता एवं निर्दलीय अपनी उपिस्थति दर्ज करा मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के प्रयास में जुटे हैं।
अलवर जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों में 113 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस व भाजपा ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं असपा ने 5, बसपा ने 10 और आम आदमी पार्टी ने 8 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं कुछ स्थानों पर कांग्रेस व भाजपा के मजबूत बागी निर्दलीय भी उतरे हैं। प्रचार अभियान में ज्यादातर प्रत्याशी जुट गए हैं, लेकिन अभी कांग्रेस व भाजपा ही चुनावी मैदान में दिखाई पड़ रही है। तीन- चार सीटों पर तीसरे मोर्चे व निर्दलीय उम्मीदवार दोनों प्रमुख दलों के बीच अपनी उपिस्थति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा व कांग्रेस में इसलिए हुआ तय
कांग्रेस व भाजपा दोनों ही विचारधारा आधारित पार्टियां हैं। इस कारण इन दलों का हर विधानसभा क्षेत्र में खुद का काडर वोट भी है। यानी कांग्रेस व भाजपा से किसी भी प्रत्याशी के खड़े होने पर उस विधानसभा क्षेत्र में इन दलों को 25 से 40 हजार परम्परागत वोट मिलना तय है। इसमें विचारधारा व जातीय समीकरण भी बड़ा रोल अदा करते हैं।
वोट बैंक देख रणनीति बनाते हैं प्रमुख दल
राजनीतिक दल भी जानते हैं कि हर विधानसभा क्षेत्र में उसका स्थाई वोट बैंक किस क्षेत्र व किस जाति का है। इसीलिए पार्टी चुनावी प्रचार की रणनीति भी उसी हिसाब से बनाती है। हार-जीत का फैसला भी नए जुड़े मतदाता व स्विंग वोटर्स तय करते हैं।
हर चुनाव में मिलता रहा परम्परागत वोट
अलवर शहर विधानसभा क्षेत्र
अलवर शहर विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 49 हजार से 85 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 35 हजार से 63 हजार के बीच वोट लिए।
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 27 हजार से 60 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 32 हजार से 85 हजार के बीच वोट लिए।
राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ सीट
राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 7 हजार से 52 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 44 हजार से 82 हजार के बीच वोट लिए।
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 61 हजार से 73 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 45 हजार से 83 हजार के बीच वोट लिए।
मुंडावर विधानसभा क्षेत्र
मुंडावर विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 53 हजार से 81 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 52 हजार से 57 हजार के बीच वोट लिए।
बानसूर विधानसभा क्षेत्र
बानसूर विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 41 हजार से 47 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 28 हजार से 71 हजार के बीच वोट लिए।
किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र
किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 31 हजार से 71 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 29 हजार से 56 हजार के बीच वोट लिए।
थानागाजी विधानसभा क्षेत्र
थानागाजी विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 22 हजार से 52 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 22 हजार से 25 हजार के बीच वोट लिए।
बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र
बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 37 हजार से 56 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 13 हजार से 51 हजार के बीच वोट लिए।
तिजारा विधानसभा क्षेत्र
तिजारा विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 41 हजार से 69 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 27 हजार से 55 हजार के बीच वोट लिए।
कठूमर विधानसभा क्षेत्र
कठूमर विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लगातार 39 हजार से 53 हजार के बीच वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन चुनाव में 37 हजार से 54 हजार के बीच वोट लिए।