
विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार को परवान चढ़ाने के लिए कांग्रेस अब कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने में जुटी है। बागी नेताओं को पार्टी से बाहर कर रास्ता दिखाने के बाद अब टिकट वितरण से नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी में पदों से नवाजा जा रहा है। पिछले दिनों ही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिल पाने से नाराज चल रहे अलवर जिले के दो कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव एवं पांच कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव बनाया, वहीं अब एक कार्यकर्ता को जिला कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष का पद दिया है। अभी कुछ और कार्यकर्ताओं को प्रदेश एवं जिला कांग्रेस कमेटी में पदों दिए जाने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में मात्र आठ दिन का समय बचा है। इस एक सप्ताह में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता जरूरी है। लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिल पाने से अभी कई कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। ऐसे कार्यकर्ताओं की मान मनोव्वल के बाद उन्हें संगठन में जगह देकर संतुष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैँ।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी का हो सकता है नुकसान
कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकारों के संज्ञान में है कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी पार्टी प्रत्याशियों के लिए भारी पड़ सकती है। ऐसे में किसी भी कीमत पर कार्यकर्ताओं को पार्टी के प्रचार कार्य से जोड़े रखना जरूरी है। इसके लिए कार्यकर्ताओं की हर मांग को पार्टी नेताओं की ओर से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा में मान मनोव्व्ल का दौर जारी
विधानसभा चुनाव में भाजपा भी अलवर जिले में कार्यकर्ताओं की नाराजगी के दौर से गुजर रही है। टिकट नहीं मिलने पर पार्टी के कई कार्यकर्ता बागी होकर अलग- अलग सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से चुनाव मैदान में डटे एक भी नेता पर अभी अलवर जिले में कार्रवाई नहीं हो पाई है। जबकि प्रदेश में भाजपा की ओर से कई जिलों में बागी नेताओं पर कार्रवाई की जा चुकी है। कारण है कि पार्टी नेता अभी बागी नेता और नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ नाराज कार्यकर्ताओं को भाजपा की ओर से भी चुनावी कार्य एवं पद दिए जाने की तैयारी है।