आगामी 26 सितम्बर को होने वाली रीट परीक्षा केवल परीक्षार्थियों के लिए ही नहीं, प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जिले के 223 परीक्षा केन्द्रों पर करीब 71 हजार 322 परीक्षार्थी शािमल होंगे, इनमें अन्य जिलों से आने वाले संभावित 37 हजार 933 परीक्षार्थियों के लिए ठहरने व भोजना की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती है।
अलवर. आगामी 26 सितम्बर को होने वाली रीट परीक्षा केवल परीक्षार्थियों के लिए ही नहीं, प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जिले के 223 परीक्षा केन्द्रों पर करीब 71 हजार 322 परीक्षार्थी शािमल होंगे, इनमें अन्य जिलों से आने वाले संभावित 37 हजार 933 परीक्षार्थियों के लिए ठहरने व भोजना की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती है। वहीं एक ही दिन में जिले में 70 हजार से ज्यादा लोगों की आवाजाही से ट्रैफिक को संभालने की परेशानी भी कम नहीं है। हालांकि प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता रीट परीक्षा के पेपर की सुरक्षा से लेकर बिना किसी व्यवधान के परीक्षा सम्पन्न कराने की है।
रीट परीक्षा के लिए प्रशासन ने अन्य जिलों से आने संभावित परीक्षार्थियों में से 90 प्रतिशत की उपस्थिति मानी है। इस हिसाब से करीब 34140 परीक्षार्थियों में से रेल्वे, रोडवेज व निजी साधनों से यात्रा करने वालों को छोडकऱ करीब 35 हजार परीक्षार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था की जरूरत होगी। इसके लिए करीब 625 बसों की जरूरत मानी गई है। इसके लिए राजस्थान रोडवेज के अलावा 461 निजी बसों की व्यवस्था करनी होगी। औसतन एक केन्द्र पर 3 बसों की व्यवस्था करनी होगी। अभी जिले में 1004 निजी बसें, 1680 स्कूल बसें एवं 194 रोडवेज बसें पंजीकृत हैं। प्रशासन का मानना है कि अभी कोरोनाकाल के चलते 50 प्रतिशत से कम बसों का संचालन है। वहीं शहर के अलावा प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर 20-20 बसें अतिरिक्त खड़ी की जाएंगी।
62 प्रतिशत परीक्षार्थी स्थानीय
जिले में रीट परीक्षा के लिए पंजीकृत 71322 परीक्षार्थियों में से करीब 62 प्रतिशत 44212 परीक्षार्थी स्थानीय हैं। वहीं अलवर जिले से प्रदेश के अन्य जिलों में परीक्षार्थियों की संख्या 27560 है।
पेपर की सुरक्षा बड़ी चुनौती
इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने, परीक्षा से वायरल आदि समस्या ज्यादा बढ़ गई हैं। ऐसे में रीट परीक्षा के पेपरों की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रीट परीक्षा के पेपर संभवत: 23 व 24 सितम्बर को जिले में पहुंचेंगे। ऐसे में परीक्षा केन्द्रों तक पेपर सुरक्षित पहुंचाना बड़ी चिंता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से कोषागार में सील्ड पैकेट्स को डबल लॉक में रखवाया जाएगा। पेपरों को सुरक्षित परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने एवं परीक्षा के बाद एकत्र कर वापस लाने के लिए 51 कोर्डिनेटर अलग से लगाए गए हैं। रीट परीक्षा को लेकर बुधवार को हुई बैठक में सम्बन्धित उपखंड अधिकारियों को परीक्षा बिना किसी विघ्न के कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भोजन व आवास व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत
रीट परीक्षा में प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को भोजन और उन्हें ठहरने की व्यवस्था करना है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि परीक्षा से सम्बन्धित क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, धर्मशाला व छात्रावास में परीक्षार्थियों के ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी, वहीं इन्दिरा रसोई के माध्यम से सस्ती दर पर भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी, लेकिन अन्य जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए ये इंतजाम कम पड़ सकते हैं। ठहरने व भोजन के इंतजाम में कमी प्रशासन के लिए बड़ी समस्या खड़़ी कर सकती है। साथ ही इतनी संख्या में परीक्षार्थियों के आने से उस दिन वाहनों की रेलमपेल होना तय है। ऐसे में यातायात नियंत्रण के पुख्ता प्रबंध नहीं रहे तो जिले भर में जाम आदि की समस्या हो सकती है।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बस सेवा रहेगी उपलब्ध
रीट परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के रोडवेज बसों की व्यवस्था रहेगी। अलवर व भिवाड़ी जिला के 223 परीक्षा केन्द्रों पर 71 हजार 322 परीक्षार्थियों के लिए 1004 निजी बस, 1967 टैक्सी, 1680 स्कूल बस, 255 रोडवेज बसों तथा 34 आने व 34 जाने वाली रेल सेवा की उपलब्धता रहेगी। अलवर में 88 परीक्षा केन्द्रों पर 27 हजार 442 परीक्षार्थियों के लिए 160 रोडवेज बस, रामगढ़ में 9 परीक्षा केन्द्रों पर 2384 परीक्षार्थियों के लिए 27 रोडवेज बस, लक्ष्मणगढ़ के 17 परीक्षा केन्द्रों पर 4578 परीक्षार्थियों के लिए 10 रोडवेज बस, कठूमर के 16 परीक्षा केन्द्रों पर 4732 परीक्षार्थियों के लिए 8 रोडवेज बस, राजगढ़ क े15 परीक्षा केन्द्रों पर 4320 परीक्षार्थियों के लिए 33 रोडवेज बस, बहरोड़ के 27 परीक्षा केन्द्रों पर 11632 परीक्षार्थियों के लिए 45 रोडवेज बस, किशनगढ़बास के 14 परीक्षा केन्द्रों पर 4568 परीक्षार्थियों के लिए 63 रोडवेज बस, थानागाजी के 14 परीक्षा केन्द्रों प 4306 परीक्षार्थियों के लिए 60, बानसूर के 9 परीक्षा केन्द्रों पर 3128 परीक्षार्थियों के लिए 14 बसों की व्यवस्था की गई है। इस तरह 420 रोडवेज बसों की व्यवस्था रहेगी।
परीक्षा के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया
अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर सुनीता पंकज ने बताया कि अलवर जिले में रीट परीक्षा के सुचारू आयोजन एवं आवश्यक सूचना सम्प्रेषण के लिए कलक्ट्रेट में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 0144-2345077 रहेगा।
नकल रोकने को बनाए 51 उडऩदस्ते
रीट परीक्षा में नकल रोकने के लिए 51 उडऩदस्ते बनाए गए हैं। प्रत्येक उडऩदस्ते में तीन कर्मचारी शामिल होंगे। वहीं प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक केन्द्राधीक्षक, एक सहायक केन्द्राधीक्षक व एक पर्यवेक्षक तैनात किया जाएगा। वहीं 51 कोर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। जिले में 33 संवेदनशील व अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर जैमर लगाए जाएंगे। सभी परीक्षा केन्द्रों पर वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। परीक्षार्थियों की भीड़ को अलवर शहर में प्रवेश से रोकने के लिए बाहरी क्षेत्रों में 6-7 अस्थाई बस स्टैण्ड चिह्नित किए गए हैं।
प्रदेश भर के जिलों से आएंगे परीक्षार्थी
रीट परीक्षा के लिए प्रदेश भर के जिलों से परीक्षार्थी अलवर जिले में आएंगे। इनमें अजमेर से 1596, बांसवाड़ा से 297, बाड़मेर से 587, भीलवाड़ा से 160, बीकानेर से 65, बूंदी से 285, चित्तोडगढ़़ से 23, चूरू से 73, डूंगरपुर से 331, जयपुर से 36773, जैसलमेर से 71, जालौर से 154, झालावाड़ से 1184, जोधपुर से 5517, कोटा से 2080, नागौर से 93, पाली से 78, सवाई माधोपुर से 240, सिरोही से 37, श्रीगंगानगर से 157, टोंक से 602, उदयपुर से 247, दौसा से 2, बारा स 1210, राजसमंद से 26, हनुमानगढ़ से 79, करौली से 1054 व प्रतापगढ़ से 53 परीक्षार्थी अलवर जिले में रीट परीक्षा देने आएंगे।