इस बार लोकसभा चुनाव 2024 का मुकाबला दिलचस्प होगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही यादव प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।
इस बार लोकसभा चुनाव 2024 का मुकाबला दिलचस्प होगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही यादव प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। ऐसे में आसपा जिले के चुनावी समीकरण और वोटों के गणित को देखते हुए प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है। वहीं, विधानसभा चुनाव में जिन प्रत्याशियों से ज्यादा वोट लिए थे, उनके नामों पर भी मंथन चल रहा है।
प्रत्याशी के चयन को लेकर आसपा में चल रहा मंथन
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा, कांग्रेस और बसपा ने अलवर सीट पर प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। इन तीनों दलों के बाद अब आजाद समाज पार्टी (आसपा) भी लोकसभा चुनाव में अलवर से दाव खेलने की तैयारी में है। पार्टी के स्तर पर प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन शुरू हो चुका है।
विधानसभा चुनाव-2018 में अलवर जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उभरकर आई थी। बसपा ने किशनगढ़बास और तिजारा दो सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, कई सीटों पर बसपा प्रत्याशी दूसरे या तीसरे नम्बर पर रहे और अच्छी संख्या वोट में अर्जित किए। विधानसभा चुनाव-2023 में काशीराम विचारधारा वाली आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने पूरा जोर दिखाया। आसपा हालांकि किसी भी सीट पर चुनाव नहीं जीत सकी, लेकिन बानसूर से आसपा प्रत्याशी रोहिताश शर्मा ने 54 हजार 185 और रामगढ़ से आसपा प्रत्याशी सुखवंत सिंह ने 74 हजार 69 वोट लिए। ये दोनों प्रत्याशी दूसरे नम्बर पर रहे थे।
आसपा ने पांच सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी
विधानसभा चुनाव में आसपा ने अलवर जिले की 11 में से 5 विधानसभा सीटों पर ताल ठोकी थी। जिसमें बानसूर, तिजारा, रामगढ़, मुंडावर और थानागाजी शामिल थे।