अलवर

इन नेताजी का अनोखा रिकॉर्ड, राजस्थान सहित तीन राज्यों में बने मंत्री, अब इनका बेटा लड़ने जा रहा है चुनाव

अलवर लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला रोचक होने वाला है। भाजपा ने भूपेंद्र यादव और कांग्रेस ने ललित यादव को टिकट दिया है। अब बसपा ने भी एक ऐसा नेता को चुनाव मैदान में उतारा है, जिनके पिता का अनूठा रिकॉर्ड है। इनके पिता राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में विधायक और मंत्री रहे।

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Mar 14, 2024

अलवर. अलवर लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला रोचक होने वाला है। भाजपा ने भूपेंद्र यादव और कांग्रेस ने ललित यादव को टिकट दिया है। अब बसपा ने भी एक ऐसा नेता को चुनाव मैदान में उतारा है, जिनके पिता का अनूठा रिकॉर्ड है। इनके पिता राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में विधायक और मंत्री रहे। यही नहीं इनकी बहन भी पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में मंत्री थीं। हालांकि इस बार विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

बसपा ने पूर्व मंत्री चौ. तैय्यब हुसैन के पुत्र फजल हुसैन पर दाव लगाया है। तैय्यब हुसैन साल 1962 में 26 साल की उम्र में पंजाब विधानसभा के लिए चुने गए। पिता चौधरी यासीन खान की मौत के बाद तैय्यब हुसैन को 36 बिरादरी ने चौधरी चुना और तैय्यब हुसैन अब चौधरी तैय्यब हुसैन बन गए। 1971 में गुड़गांव और उसके बाद 1980 में फरीदाबाद से सांसद चुने गए. उसके बाद हरियाणा की तावडू विधानसभा से विधायक व मंत्री रहे।

फिर राजस्थान में कृषि मंत्री बने

1993 में हुसैन भरतपुर की कामां विधानसभा से चुनाव लड़े और 52.19% वोट हासिल करके विधायक बने। इसके बद राजस्थान सरकार में कृषि, ग्रामीण विकास व स्वास्थ्य मंत्री बने। इसके बाद 1998 में भी कांग्रेस के टिकट पर कामां से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें 2003 में हार का सामना करना पड़ा।

पुत्र चुनाव नहीं जीते, मगर दूसरे स्थान रहे

तैय्यब के पुत्र और अलवर से बसपा प्रत्याशी फजल तिजारा सीट से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2008 और 2013 में तिजारा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों चुनावों में हुसैन दूसरे नंबर पर रहे थे। पिछले लंबे समय से वे तिजारा में सक्रिय हैं।

Published on:
14 Mar 2024 11:40 am
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