अलवर

अलवर: गांव में मौत का ‘लाल’ पानी: जोहड़ में रहस्यमयी तरीके से बदल रहा है रंग, ग्रामीणों में दहशत

अलवर के मालाखेड़ा क्षेत्र के चौमू गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ घाटा स्थित ऐनीकट (जोहड़) का पानी अचानक दूषित होने से जलीय जीवों की मौत हो रही है। पानी का रंग दिन में लाल और शाम को हरा होने से ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर डरे हुए हैं।
2 min read
May 12, 2026
alwar
मालाखेड़ा क्षेत्र में स्थित घाटा ऐनीकट (फोटो - पत्रिका)

अलवर के मालाखेड़ा क्षेत्र के ग्राम चौमू में स्थित घाटा ऐनीकट इन दिनों चर्चा और डर का विषय बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के लिए यह जोहड़ न केवल जल का स्रोत है, बल्कि वन्यजीवों और मवेशियों की प्यास बुझाने का मुख्य स्थान भी है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां का पानी किसी 'रहस्यमयी' जहर में तब्दील होता दिख रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस जोहड़ के पानी में एक अजीबोगरीब बदलाव देखा जा रहा है। दिन के समय सूरज की रोशनी में पानी पूरी तरह से लाल नजर आता है, वहीं सूरज ढलते ही शाम होते-होते इसका रंग बदलकर हरा हो जाता है। पानी के इस तरह रंग बदलने और उसमें से आ रही दुर्गंध ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

जलीय जीवों की मौत और मोर हुआ घायल

घटना का खुलासा तब हुआ जब रविवार को गांव के युवा राजाराम, प्रदीप, नवीन, मोनू और पंकज पक्षियों के लिए रखे परिंडों में पानी भरने ऐनीकट के पास पहुंचे। वहां का नजारा देखकर वे दंग रह गए। पानी की सतह पर कई कछुए मृत अवस्था में तैर रहे थे। सिर्फ जलीय जीव ही नहीं, बल्कि प्यास बुझाने आया एक मोर भी वहां घायल और अधमरी हालत में मिला।

ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सरिस्का रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। रेस्क्यू टीम ने घायल मोर को अपने कब्जे में लेकर उपचार के लिए साथ ले गई और जोहड़ के दूषित पानी का सैंपल भी लिया है ताकि मौत के असल कारणों का पता लगाया जा सके।

मवेशियों पर मंडरा रहा खतरा

अब चौमू गांव के लोगों को सबसे बड़ी चिंता अपने पालतू मवेशियों की सता रही है। गांव के ज्यादातर पशु इसी जोहड़ के आसपास चरने जाते हैं और यहीं का पानी पीते हैं। ग्रामीणों को डर है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनके मवेशी भी इस दूषित पानी का शिकार होकर अपनी जान गंवा सकते हैं।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुरजोर अपील की है कि पानी के दूषित होने के कारणों की जांच की जाए और इसे तुरंत साफ कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला न केवल पर्यावरण से जुड़ा है, बल्कि उनके रोजगार और आजीविका (पशुधन) के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है।

Published on:
12 May 2026 01:29 pm