
मोहर्रम का मुख्य जुलूस (फोटो - पत्रिका)
मुस्लिम समाज की ओर से आज (शुक्रवार) मोहर्रम के पवित्र अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में निकाला गया ताजियों का मुख्य जुलूस पूरी अकीदत और शांति के साथ निकाला गया। इससे पहले, गुरुवार को 'कत्ल की रात' की रस्म के बाद नंगली मोहल्ला स्थित इमामबाड़े से इन ताजियों को रोड नंबर-दो स्थित मेव बोर्डिंग परिसर लाया गया था, जहां रात भर अकीदतमंदों ने जियारत की और मन्नतें मांगीं।
ताजिया कमेटी के अध्यक्ष खुर्शीद खान ने बताया कि तय कार्यक्रम के तहत आज दोपहर ठीक 1:00 बजे मेव बोर्डिंग परिसर से ताजिया जुलूस पूरी अदब के साथ रवाना हुआ। इस बार जुलूस में एक छोटा और एक बड़ा ताजिया शामिल रहा, जो अपनी भव्यता के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। मेव बोर्डिंग से निकलने के बाद यह पारंपरिक जुलूस शहर के मुख्य रास्तों, भगत सिंह सर्किल और अंबेडकर सर्किल से होता हुआ आगे बढ़ा। इन रास्तों पर ताजियों के दीदार के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
जुलूस में अलवर शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान जिले के अलग-अलग कोनों से आईं पैंक पार्टियों ने मातमी धुनों और ढोल-ताशों के बीच अखाड़े के हैरतअंगेज पारंपरिक करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए सड़कों और मकानों की छतों पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही।
जेल चौराहा मैदान पहुंचने पर समाज के लोगों ने ताजियों पर सेहरा, फूल और प्रसाद चढ़ाकर देश और दुनिया में अमन-चैन की दुआएं मांगीं। इसके बाद शाम करीब 6:00 बजे जेल चौराहा स्थित कर्बला मैदान में गमगीन माहौल के बीच दोनों ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा।
जुलूस के रूट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर के सभी प्रमुख चौराहों और संवेदनशील पॉइंट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस के दौरान आम जनता को आवाजाही में कोई परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर के मुख्य रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू किया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद मौके पर रहकर पूरे रूट की निगरानी की, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरा हुआ।
Published on:
26 Jun 2026 03:40 pm
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