22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan: राजस्थान में किसानों को टोकन से मिलेगी खाद, नई फर्टिलाइजर व्यवस्था शुरू

राजस्थान के किसानों के लिए खाद (उर्वरक) की खरीद को लेकर एक बड़ा और जरूरी बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने अब अनुदानित खाद की कालाबाजारी रोकने और सही वितरण के लिए 'टोकन व्यवस्था' की शुरुआत की है। पायलट प्रोजेक्ट के बाद जल्द ही यह नई डिजिटल प्रणाली पूरे राज्य में लागू होगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Rajendra Banjara

•

Updated: 26 Jun 2026, 12:38 PM IST

fertilizer

representative picture (AI)

राजस्थान में किसानों को अब अपनी खेती की जमीन और फसल की जरूरत के हिसाब से ही खाद मिल सकेगी। भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर राज्य में सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री के लिए एक नई पारदर्शी व्यवस्था शुरू की जा रही है। एग्रीस्टेक (Agristack) योजना के तहत राजसमंद और सिरोही जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू भी कर दिया गया है और जल्द ही इसे अलवर, बहरोड़ सहित पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

क्या है नई व्यवस्था और कैसे मिलेगा टोकन?

इस नई डिजिटल प्रणाली के तहत खाद खरीदने के लिए किसानों को 'फार्मर आईडी' (Farmer ID) के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते ही एक ऑनलाइन टोकन जनरेट होगा। इस टोकन को ले जाकर किसान अपनी नज़दीकी खाद दुकान से उर्वरक खरीद सकेंगे। खास बात यह है कि ऑनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपनी जमीन के हिसाब से खाद की मात्रा, कंपनी का नाम और विक्रेता की जानकारी भरनी होगी।

48 घंटे के लिए मान्य होगा टोकन

घर बैठे या ई-मित्र से जनरेट किया गया यह टोकन सिर्फ 48 घंटों के लिए वैध रहेगा। यानी टोकन कटने के दो दिन के भीतर किसान को खाद उठानी होगी। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को अब दुकानों के बाहर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। जिनके पास स्मार्टफोन है, वे खुद घर बैठे बुकिंग कर सकते हैं और बाकी किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकते हैं।

कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर लगेगी रोक

कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस नई फर्टिलाइजर सेल्स प्रणाली से यूरिया और अन्य खादों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और कृषि की खाद का गैर-कृषि कार्यों (इंडस्ट्री आदि) में होने वाले गलत इस्तेमाल पर पूरी तरह लगाम लगेगी। हर किसान की पहचान फार्मर रजिस्ट्री से अपने आप वेरिफाई हो जाएगी, जिससे केवल असली किसानों को ही सही दाम पर खाद मिल पाएगी।


जल्द बनवाएं फार्मर आईडी

इस योजना को पूरे राज्य में जल्द से जल्द शुरू करने के लिए डीलर्स की पीओएस (POS) मशीनों को अपडेट किया जा रहा है और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक एग्रीस्टेक के तहत अपनी 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं कराई है, वे तुरंत राजस्व या कृषि विभाग के कर्मचारियों से मिलकर अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि आने वाले सीजन में खाद लेने में कोई परेशानी न हो।