
शहर का होप सर्कस
अलवर शहर में प्रस्तावित नाइट टूरिज्म योजना को राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है, लेकिन इसमें जबर्दसत कांटछांट की गई है। पहले चरण में केवल घंटाघर से होप सर्कस तक सिमटकर रह गई है। इसके चलते 35 करोड़ रुपए की बजाय केवल 2 करोड़ 79 लाख 10 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। बाकी हिस्सों के विकास के लिए यूआईटी को अपने स्तर पर संसाधन जुटाकर काम कराने होंगे। करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए यूआइटी अपनी जेब से खर्च करेगी, तब जाकर पहले चरण के काम पूरे होंगे। पहले नाइट टूरिज्म को किशन कुंड तक ले जाना था, वहां कई ऐतिहासिक स्थल हैं, जहां रात का नजारा अलग ही होता है। इससे पर्यटकों को नया अनुभव होता, लेकिन अब चयह होप सर्कस तक ही किया जाएगा। बाद में दूसरे चरणों में इसे शामिल किया जा सकता है। यूआइटी का प्लान यही है कि पूरी योजना को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाएगा ताकि आर्थिक बोझ नहीं पड़े।
अलवर के करणी माता मंदिर मार्ग के सुदृढ़ीकरण को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (सड़क) द्वारा निविदा स्वीकृत कर दी गई है। यह काम लगभग 5.74 करोड़ रुपए की लागत से कराया जाएगा। यह काम पूरा होने से स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को लाभ मिलेगा। वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तथा उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा अलवर जिले के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह मार्ग पिछले साल क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके चलते केवल नवरात्र के दौरान ही भक्तों के लिए इसे खोला गया। इसमें भी चोपहिया वाहनों का प्रवेश बंद रखा गया। अब उम्मीद बंधी है कि मार्ग जल्द शुरू होगा और भक्त माता के दर्शनों के लिए जा सकेंगे। हालांकि शारदीय नवरात्र तक काम पूरा होने की उम्मीद कम है। इस महीने बारिश के चलते काम पर रोक लग जाएगी। ऐसे में अगले साल चैत्र नवरात्र तक मार्ग सही होने की उम्मीद लगाई जा सकती है।
Updated on:
26 Jun 2026 05:17 pm
Published on:
26 Jun 2026 05:17 pm
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