अलवर

Alwar: भाजपा में भूपेंद्र यादव की चली, कांग्रेस में जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली ने खेला दाव

अलवर नगर निगम के महापौर चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने वार्ड 7 की पार्षद सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस ने वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा को मैदान में उतारा है। वहीं रिंकल गर्ग ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
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Sep 17, 2026
alwar mayor election
Congress V/S BJP

अलवर नगर निगम महापौर चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद अब राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा ने वार्ड 7 की पार्षद सुमनलता अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। वह पूर्व नगर परिषद सभापति अजय अग्रवाल की पत्नी हैं। कांग्रेस ने वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा को मैदान में उतारा है। कमलेश शर्मा पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष योगेश मिश्रा की पत्नी हैं।

दोनों दलों के प्रत्याशी चयन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा में सुमनलता अग्रवाल के नाम पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ चर्चा हुई थी। वहीं कांग्रेस में कमलेश शर्मा के चयन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है। हालांकि नेताओं की भूमिका से जुड़े इन दावों को संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के साथ अलग-अलग देखना होगा।

भाजपा में कई नामों पर चर्चा

महापौर पद के लिए भाजपा में सुमनलता अग्रवाल के अलावा नेहा मनचंदानी और अपूर्वा शर्मा के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे थे। नाम तय होने से पहले पार्टी स्तर पर संभावित दावेदारों को लेकर मंथन हुआ। आखिरकार सुमनलता अग्रवाल के नाम की घोषणा की गई। बुधवार को उन्होंने महापौर पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया।

कांग्रेस ने कमलेश शर्मा को उतारा

कांग्रेस की ओर से महापौर पद के लिए कई नामों की चर्चा थी। आखिरकार वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया। उन्होंने भी बुधवार को नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही कांग्रेस के सामने अब अपने पार्षदों के साथ निर्दलीय पार्षदों को लेकर भी रणनीति बनाने की चुनौती है। अलवर नगर निगम में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, इसलिए महापौर चुनाव में पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण रहेगा।

रिंकल गर्ग ने निर्दलीय भरा पर्चा

इस बीच रिंकल गर्ग ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वह वार्ड 36 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ चुकी थीं। उनके निर्दलीय मैदान में उतरने से अलवर में महापौर चुनाव का मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच हो गया है।

अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। चुनाव परिणामों में भाजपा को 28, कांग्रेस को 23 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 13 वार्डों में जीत मिली है, जबकि एक वार्ड पर अन्य प्रत्याशी विजयी रहा। महापौर चुनने के लिए 33 पार्षदों का समर्थन चाहिए। ऐसे में अब प्रत्याशी चयन के साथ-साथ पार्षदों के समर्थन का गणित भी अहम हो गया है।

Updated on:
17 Sept 2026 02:54 pm
Published on:
17 Sept 2026 02:54 pm