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Alwar: राजगढ़ वन रेंज में ₹18 करोड़ का घोटाला, PMO तक पहुंची जांच, 3 DFO पर शिकंजा

अलवर के राजगढ़ वन रेंज में प्लांटेशन और मृदा संरक्षण के कामों में कथित 18 करोड़ रुपए की अनियमितताओं का मामला फिर चर्चा में है। मामले की जांच शुरू होते ही मुख्य वन संरक्षक ने शिकायतकर्ता से सबूत मांगे हैं, जिससे विभाग के 3 डीएफओ सहित आला अफसरों में हड़कंप मच गया है।
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rajgarh forest range 18 crore scam

representative picture (patrika)

अलवर जिले के राजगढ़ वन रेंज में वर्ष 2012 से 2024 के बीच प्लांटेशन, मृदा संरक्षण और दूसरे वन कार्यों के नाम पर कथित अनियमितताओं का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गया है। शिकायत के आधार पर मामले में जांच शुरू की गई है। मुख्य वन संरक्षक संस्थापन विजय एन को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने शिकायतकर्ता से आरोपों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है।

मामले में वन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में तीन डीएफओ समेत कई जिम्मेदार अधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। जांच शुरू होने के बाद वन विभाग में इस मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है।

पहले भी हुई थी गड़बड़ियों की जांच

राजगढ़ रेंज में वन विभाग की ओर से कराए गए प्लांटेशन, मृदा संरक्षण और अन्य कार्यों में अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आए थे। पूर्व सीसीएफ जयपुर की ओर से की गई जांच में भी कई गड़बड़ियों का उल्लेख होने की बात कही गई है। आरोपों में सरकारी राशि के बड़े हिस्से को नकदी के रूप में निकालने की बात भी शामिल है।

पूर्व जांच रिपोर्ट में मामले को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपने की संस्तुति किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में जांच दूसरे अधिकारियों को सौंपे जाने और अन्य जिलों में भी जांच कराए जाने से प्रकरण की दिशा बदल गई।

18 करोड़ से 100 करोड़ तक के आरोप

शिकायत में शुरुआत में राजगढ़ रेंज में करीब 18 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। बाद में मामले में तीन डीएफओ के नाम सामने आने के बाद शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि कथित अनियमितताओं की राशि बढ़कर करीब 100 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इन आरोपों की अब जांच के दौरान पड़ताल की जाएगी।

मामला पीएमओ तक पहुंचने के बाद शिकायतकर्ता से उपलब्ध साक्ष्य मांगे गए हैं। अब जांच में दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, कार्यों की वास्तविक स्थिति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका समेत विभिन्न बिंदुओं को देखा जा सकता है।

शिकायत के साथ भेजा था एक करोड़ का चेक

शिकायत से जुड़ा एक और मामला भी सामने आया है। जयपुर के एक कारोबारी ने पीएमओ को भेजी शिकायत के साथ प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम एक करोड़ रुपए का चेक भी भेजा था। कारोबारी ने कहा था कि यदि शिकायत झूठी पाई जाती है तो यह चेक जब्त कर लिया जाए। अब पीएमओ स्तर पर जांच शुरू होने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी।