
Alwar Mayoral Election: अलवर नगर निगम में मेयर पद के लिए आज सोमवार को मतदान हो रहा है। मतदान को लेकर नगर निगम परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुबह करीब 11 बजे तक कांग्रेस के 13 पार्षद मतदान कर चुके हैं। कांग्रेस के पार्षदों को बस से नगर निगम स्थित मतदान केंद्र तक लाया गया। यहां पहुंचने पर पुलिस ने सभी पार्षदों की जांच की और इसके बाद उन्हें मतदान केंद्र में प्रवेश दिया।
मतदान केंद्र के बाहर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया है। नगर निगम परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। मतदान प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से भी व्यवस्थाएं की गई हैं। मेयर पद के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। मतदान के बाद ही दोनों दलों में से किसे बहुमत मिला, इसकी तस्वीर साफ होगी।
अलवर नगर निगम में कुल 65 पार्षद हैं और मेयर बनने के लिए 33 वोट की जरूरत है। चुनाव में भाजपा के 28, कांग्रेस के 23, बसपा का एक और 13 निर्दलीय पार्षद जीतकर आए हैं। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने पक्ष में पर्याप्त संख्या बल होने का दावा कर रहे हैं।
मतदान से पहले दोनों दलों ने निर्दलीय पार्षदों से संपर्क बनाए रखने की कोशिश की। आखिरी समय तक पार्षदों को अपने पक्ष में रखने के प्रयास जारी रहे। दोनों खेमों में क्रॉस वोटिंग की आशंका भी बनी हुई है। यही कारण है कि मतदान के दिन पार्षदों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मेयर चुनाव में मतदान पूरी तरह गोपनीय तरीके से कराया जा रहा है। पार्षद किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करता है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी। मतदान मतपत्र के माध्यम से कराया जा रहा है। इसलिए राजनीतिक दलों की ओर से किए जा रहे दावों के बावजूद वास्तविक स्थिति मतदान पूरा होने के बाद ही सामने आएगी।
भाजपा की ओर से वार्ड 7 की पार्षद सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस की ओर से वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा मेयर पद की प्रत्याशी हैं। दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबले पर शहर की नजर है। अब 65 पार्षदों के मतदान के बाद तय होगा कि अलवर नगर निगम की नई मेयर कौन बनेगी।