
अलवर में जेल सर्किल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से काम पर नहीं लौटे हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कॉलेज परिसर में जगह-जगह गंदगी नजर आ रही है। इससे मरीजों, उनके परिजनों, कॉलेज स्टाफ और यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल कर रहे सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन उनसे तय काम के अलावा दूसरे कार्य भी कराए जाते हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई, घास काटने और गेंती-फावड़ा चलाने जैसे काम भी कराए जाते हैं।
सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनसे प्रिंसिपल के सरकारी आवास पर भी सफाई और घरेलू काम कराया जाता है। सफाईकर्मी रीना और भारती का कहना है कि वे करीब तीन साल से इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी नियुक्ति मेडिकल कॉलेज की सफाई के लिए हुई है, लेकिन कई बार मूल काम छोड़कर दूसरे काम करने के लिए कहा जाता है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने इन कार्यों को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते उन्होंने चार दिन पहले काम बंद कर दिया।
सफाईकर्मियों ने पीएफ से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग की है। कर्मचारियों के अनुसार पीएफ को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि इस संबंध में भी कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अभी तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ।
कर्मचारियों के अनुसार ठेकेदार ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिन का समय मांगा है। हालांकि, काम के घंटे, अतिरिक्त कार्य और पीएफ से जुड़े मुद्दों पर अभी तक ठोस समाधान नहीं हुआ है।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी नियुक्ति के अनुसार ही काम करना चाहते हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उनसे सफाई के अलावा अन्य कार्य नहीं कराए जाएं और पीएफ से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल हड़ताल के कारण मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था प्रभावित है।