
अलवर. अलवर नगर निगम के कामकाज में महापौर सुमनलता अग्रवाल के पति और पूर्व सभापति अजय अग्रवाल की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार को निगम कार्यालय में कुछ कांग्रेसी पार्षद महापौर सुमनलता अग्रवाल का स्वागत करने पहुंचे। इस दौरान महापौर के साथ मौजूद अजय अग्रवाल पार्षदों के बीच चर्चा का केंद्र रहे। वे मेयर के पास ही अलग कुर्सी लगाकर बैठे रहे।
महापौर से मिलने पहुंचे पार्षद बारी-बारी से अजय अग्रवाल के पास भी गए। पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया और मांगपत्र भी सौंपे। इसके बाद अजय अग्रवाल महापौर कक्ष में बने एक अन्य कमरे में पहुंचे। वहां उन्होंने बिजली और सफाई से जुड़े अधिकारियों को बुलाया और वार्डों से संबंधित समस्याओं को लेकर निर्देश दिए।
इधर, सोमवार को जयपुर में मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर और आयुक्तों की बैठक भी आयोजित की गई थी। इस बैठक में महापौर सुमनलता अग्रवाल व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं।
अजय अग्रवाल की नगर निगम में सक्रियता का मामला इससे पहले भी सामने आ चुका है। दो अक्टूबर को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें अजय अग्रवाल निगम कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए नजर आए थे। इस दौरान महापौर सुमनलता अग्रवाल भी उनके साथ खड़ी दिखाई दी थीं।
वीडियो सामने आने के बाद कर्मचारी महासंघ एकीकृत के पदाधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई थी। महासंघ की ओर से कहा गया था कि सरकार ने महिला जनप्रतिनिधियों के पति, पुत्र और अन्य रिश्तेदारों के सरकारी संस्थाओं के कामकाज में किसी भी तरह के हस्तक्षेप पर रोक लगा रखी है। ऐसे में निगम के कामकाज में अजय अग्रवाल की सक्रिय भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए।
अजय अग्रवाल पहले कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान में वे भाजपा से जुड़े हुए हैं। वहीं उनकी पत्नी सुमनलता अग्रवाल ने भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीता और बाद में महापौर बनीं। ऐसे में नगर निगम में अजय अग्रवाल की लगातार सक्रियता को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा बनी हुई है।