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Alwar: अलवर नगर निगम में BJP से सुमनलता अग्रवाल बन सकती हैं मेयर प्रत्याशी, 21 सितंबर को चुनाव

अलवर नगर निगम के पहले मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी की तरफ से वार्ड 7 की पार्षद सुमनलता अग्रवाल का नाम मेयर प्रत्याशी की दौड़ में सबसे आगे निकल चुका है। 21 सितंबर को होने वाले इस चुनाव के लिए जोड़-तोड़ और बाड़ेबंदी का खेल जोरों पर है।
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Sep 16, 2026
bjp sumanlata agarwal
सुमनलता अग्रवाल (फोटो - पत्रिका)

अलवर नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शहर का अगला प्रथम नागरिक यानी मेयर कौन बनेगा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खेमे में रात से सुबह तक चली लंबी माथापच्ची के बाद अब वार्ड नंबर 7 से पार्षद चुनी गईं सुमनलता अग्रवाल का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उनका नाम लगभग तय माना जा रहा है।

शुरुआत में वार्ड 3 से जीत कर आईं नेहा मनचंदा का नाम चर्चा में सबसे आगे चल रहा था, लेकिन अंदरूनी समीकरणों और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए बाजी सुमनलता अग्रवाल के पक्ष में झुकती दिखाई दे रही है। सुमनलता के पति अजय अग्रवाल पहले अलवर नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं, जिससे उनका परिवार शहर की स्थानीय राजनीति में खासा दखल और लंबा अनुभव रखता है। दूसरी तरफ, कांग्रेस भी मुकाबले को खाली छोड़ने के मूड में नहीं है। कांग्रेस खेमे से कमलेश शर्मा और ममता सैनी के नामों पर विचार चल रहा है और पार्टी इनमें से किसी एक चेहरे पर दांव खेल सकती है।

21 सितंबर को होगी वोटिंग

बाड़ेबंदी में भेजे गए पार्षदों को 20 सितंबर की देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच वापस अलवर लाया जाएगा। दोनों दल शहर में ऐसे सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं, जहां विरोधी दल कोई सेंधमारी न कर सके। 21 सितंबर की दोपहर तक यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि अलवर नगर निगम का ताज किसके सिर सजेगा।

क्रॉस वोटिंग की आशंका

क्रॉस वोटिंग और खरीद-फरोख्त के डर से दोनों दलों ने नतीजों के तुरंत बाद ही अपने-अपने पार्षदों की सख्त बाड़ेबंदी कर दी है। पार्षदों को शहर से दूर गुप्त ठिकानों पर रखा गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 21 सितंबर को सुबह 10 बजे मेयर पद के लिए मतदान होगा, जबकि इससे ठीक पहले सुबह 9 बजे सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी।

बीजेपी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की

नगर निगम के गणित की बात करें तो कुल 65 वार्डों में से बीजेपी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 सीटें गई हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 1 सीट मिली है और 13 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है। बोर्ड बनाने और मेयर की कुर्सी पाने के लिए 33 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। स्पष्ट बहुमत किसी के पास न होने के कारण दोनों ही प्रमुख दल निर्दलीयों को साधने में जुटे हैं।

Updated on:
16 Sept 2026 11:23 am
Published on:
16 Sept 2026 11:23 am