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राजस्थान में यहां बोर्ड गठन से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, सभापति पद के दावेदार ने थामा BJP का दामन

खैरथल नगर परिषद चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस में बगावत हो गई है। कांग्रेस से सभापति पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी (विक्की) ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
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अलवर

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Anil Prajapat

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Updated: 16 Sep 2026, 6:55 AM IST

Congress V/S BJP

Congress V/S BJP

खैरथल। नगर परिषद चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस में बगावत हो गई है। कांग्रेस से सभापति पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी (विक्की) ने भाजपा का दामन थाम लिया है। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली स्थित आवास पर उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर भाजपा में एंट्री करवाई। दावा किया जा रहा है कि 11 अन्य पार्षद भी भाजपा में शामिल हुए है। इनमें 5 से 6 कांग्रेस के बताए जा रहे हैं। हालांकि उनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं।

कांग्रेस खेमे में हुई इस टूट से जिले में पूरा सियासी समीकरण ही बदल गया है। 45 वार्डों वाली नगर परिषद में कांग्रेस के 20 पार्षद जीतकर आए थे, जबकि 8 बीजेपी व 17 निर्दलीय जीते थे। कांग्रेस के लिए राह आसान नजर आ रही थी। 11 पार्षद के साथ आने के दावे से माना जा रहा है कि भाजपा के लिए सभापति व बोर्ड बनाना आसान होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि हमें विक्रम के भाजपा में शामिल होने की जानकारी मिली है। उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। ज्यादातर पार्षद किलेबंदी में है। हम कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें वापस ले लिया जाए।

जनादेश नहीं मान रही भाजपा, तानाशाही पर उतरी

इधर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा जनादेश को नहीं मान रही है। पुलिस और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। डरा-धमका कर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। खैरथल में कांग्रेस के लोगों को तोड़ने की कोशिश की है। वे कितनी ही कोशिश कर लें, अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे। बोर्ड हमारा ही बनेगा। नीमराना में भी जो हमारा उम्मीदवार था, उसके परिजन को पुलिस उठाकर ले गए, लोगों ने थाने पर धरना दिया। मैंने भी पुलिस अधीक्षक से बात की है। एक दिन पहले मेरे क्षेत्र के पार्षद को उठाने दो थानेदार आ गए थे, उन्हें वापस लेकर आया। भाजपा सरकार तानाशाही पर उतर आई है।

बाड़ेबंदी को लेकर दो जिलों में हंगामा

मंगलवार को बूंदी और नीमराणा में निर्दलीय प्रत्याशियों व परिजन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बूंदी के कापरेन में निर्दलीय पार्षद राधिका मीणा को दस्तयाब करने पहुंची पुलिस का परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया। वहीं नीमराणा में निर्दलीय प्रत्याशी सुमन के जेठ को थाने लाने की सूचना पर ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर धरना दिया।