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अलवर नगर परिषद ने बनाए फर्जी प्रमाण पत्र, नगर परिषद से ही हुआ खुलासा, जानिए कैसे

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Aug 18, 2018
Alwar Nagar Parishad Make Fake Marriage Certificate
अलवर नगर परिषद ने बनाए फर्जी प्रमाण पत्र, नगर परिषद से ही हुआ खुलासा, जानिए कैसे

अलवर. नगर परिषद सफाई कर्मचारी भर्ती ने विवाह पंजीयन करने वाली शाखा को भी लपेटे में ले लिया है। तय मानिए भर्ती के दस्तावेजों में संलग्न किए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र व अनुभव प्रमाण पत्रों की गहराई से जांच हुई तो पूरा खेल सामने आ जाएगा। इस बात की पुष्टि दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में हो भी गई है। काफी निरस्त हुए आवेदन पत्र के पीछे शादी से पहले संतान को होना बताया गया है। इससे साफ जाहिर है कि नगर परिषद के जरिए बनवाए गए विवाह प्रमाण पत्र ही फर्जी बने हैं। कुछ तो पकड़ में आ गए। कुछ ने नियुक्तियां भी प्राप्त कर ली। ऐसा ही अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने में हुआ है। जिसकी असल रूप में जांच हुई तो यह साबित हो जाएगा कि बहुत से आवेदक नौकरी लग गए लेकिन उन्होंने पहले कभी सफाई का कार्य किया ही नहीं।

अनुभव प्रमाण थमा दिए तुरंत

इसी भर्ती में सफाई कार्य का अनुभव होना जरूरी था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने अनुभव प्रमाण पत्र शहर के ही ठेकेदारों के जरिए बनवाए हैं। नगर परिषद के अधिकारियों के सामने ऐसे प्रकरण आ चुके हैं। जो कई सालों से दूसरे दफ्तरों में नौकरी कर रहे थे। जिनका पूरा रिकॉर्ड है। इसके बावजूद भी उनको अनुभव प्रमाण पत्र जारी हो गए। अनुभव प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच होने पर यह खुलासा हो सकेगा कि ठेकेदारों ने किस स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया है। कईयों ने गलत अनुभव से नौकरी मिल गई लेकिन कभी जांच हुई तो मुश्किल आना तय है।

42 जने पकड़ में आ गए

जब आवेदन पत्रों की जांच की गई तो 42 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों के साथ संलग्न दस्तावेजों से यह पकड़ में आ गया कि उनकी शादी तो पहले हो गई और विवाह प्रमाण पत्र आगे की तारीख में बनाए। जब शादी हुई उस समय के विवाह प्रमाण पत्र बनवाते तो बाल विवाह माना जाता। जिसके कारण अभ्यर्थियों ने अपनी सहूलियत के अनुसार आगे की तारीख के विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनवा लिए। नगर परिषद के स्तर पर विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनाए गए है। अब यह जांच पड़ताल का मामला है कि नगर परिषद में किस आधार पर गलत प्रमाण पत्र बनवाने में अभ्यर्थी सफल हो गए।

विवाह प्रमाण पत्र एक तय प्रक्रिया के अनुसार ही बने हैं। फिर भी इनकी जांच कराई जाएगी। जो गलत दस्तावेजों से बनाए गए हैं। उनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई भी होगी।
अशोक खन्ना, सभापति, नगर परिषद अलवर

Published on:
18 Aug 2018 12:08 pm