
अलवर नगर निगम चुनाव की तैयारियां राजनीतिक दलों ने तेजी से शुरू कर दी हैं। भाजपा भी तैयारियों में जुटी है। संगठन पदाधिकारियों के पास अलवर से लेकर जयपुर तक मेयर टिकट के लिए दौड़ शुरू हो गई। दर्जनभर से ज्यादा इस पद के दावेदार हैं। संगठन से जुड़े कुछ नेताओं ने साफ कर दिया कि सीनियर नेता ही इस पद के लिए मैदान में आएगा। पार्टी कई नामों पर मंथन कर रही है। वार्डों के आरक्षण के बाद पार्षदों के टिकट भी फाइनल होंगे। कई के टिकट बदले जाएंगे।
दूसरे दलों के भी कुछ नेता टकटकी लगाकर भाजपा की ओर देख रहे हैं। उनकी मंशा भी इस चुनाव में भाग्य आजमाने की है। निगम चुनाव के परिणाम पूरे प्रदेशभर में अपनी छाप छोड़ते हैं। शहर की सरकार बनाने में थोड़ी सी कमी किसी भी दल को पीछे धकेल सकती है। ऐसे में भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। विधानसभा चुनाव से लेकर पार्षद व मेयर के चुनाव लड़ चुके कई भाजपा नेता इस बार मैदान में आने की तैयारी में हैं।
आरएसएस के जरिए भी वह सिफारिशें अभी से लगवा रहे हैं। पार्टी के एक नेता का कहना है कि अभी निकाय चुनाव को लेकर संगठन की ओर से स्पष्ट आदेश नहीं आए हैं। जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता का कहना है कि जिताऊ व टिकाट उम्मीदवार को ही मैदान में उतारा जाएगा। अनुभव भी इस पद के लिए जरूरी है। बाकी संगठन की ओर से जो भी आदेश आएंगे, उसका पालन करेंगे।
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