नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दोस्त के साथ मिलकर बलात्कार करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।
अलवर पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दोस्त के साथ मिलकर बलात्कार करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। पॉक्सो कोर्ट-1 के न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, 28-28 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 22 गवाहों के बयान और 26 दस्तावेज पेश किए गए, जिनके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने टिप्पणी की है कि आरोपियों की ओर से किया गया कृत्य अत्यंत जघन्य है और इसका समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है।
सरकारी वकील विनोद शर्मा ने बताया कि पीड़िता की मां ने 7 नवंबर, 2024 को अलवर जिले के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 6 नवंबर की रात घर पर सोई थी, लेकिन अगले दिन सुबह जब उसे चाय देने के लिए उठाया गया तो वह घर पर नहीं मिली। परिजनों को एक युवक मोहित पर शक हुआ, जिसका उनके घर आना जाना था। जब उसके घर पहुंचे तो वह भी घर से गायब था और उसकी बाइक भी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू की गई।
पुलिस की ओर से बरामदगी के बाद पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे अपने दोस्त अंकित के साथ भिवाड़ी ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक रखा गया और दोनों आरोपियों ने उसके साथ रेप किया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।