
अलवर. स्वच्छ भारत अभियान के तहत अलवर शहर पर करीब चार करोड़ रुपए खर्च कर कागजी रिकॉर्ड में तो अलवर शहर खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो गया लेकिन, हकीकत की तस्वीर बिल्कुल उल्टी है। इस समय भी करीब एक चौथाई शहर में काफी लोग सुबह-शाम खुले में शौच जाने को मजबूर हैं जबकि स्वच्छ भारत अभियान के तहत करीब चार करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च की जा चुकी है। नगर परिषद प्रशासन के अनुसार एक-एक घर में शौचालय बनाया गया है। जिन घरों में जगह नहीं थी उनके लिए सामुदायिक शौचालय बनाए हैं। फिर भी शहर के खदाना मोहल्ला, पहाडग़ंज, स्कीम दस सहित काफी जगहों पर महिला-पुरुष सहित बच्चे खुले में शौच जा रहे हैं। हालात ये हँै कि खुले में शौच जाने के लिए भी पहरा देना पड़ रहा है। सुबह-शाम के अलावा रात्रि को तो और अधिक मुश्किल हो जाती है। आए दिन छोटी बालिकाएं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही है। इसके बावजूद भी घर के अन्दर शौच करने की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
यहां दिन में भी खुले में शौच जाते मिल रहे : नगर परिषद के रिकॉर्ड के आधार पर सरकार जरूर यह दावा कर रही है कि अलवर शहर पूरीतरह खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। सूर्य नगर, गालिब सय्यैद, 60 फीट रोड, धोबी गट्टा मोहल्ला, मीणा पाड़ी, स्कीम चार, गणेश गुवाड़ी, पहाडग़ंज, वार्ड तीन व पांच सहित काफी जगहों पर महिला व पुरुष खुले में शौच जा रहे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि न घर में शौचालय की जगह हैं न आसपास कोई सामुदायिक शौचालय बना है।
खराब पड़े शौचालय : कबीर कॉलोनी व धोबी गट्टा व खोहरा मोहल्ले के बने सामुदायिक शौचालय खराब पड़े हैं जिसके कारण लोगों को खुले में शौच जाना मजबूरी है। बहुत से घरों में बनाए गए शौचालय अभी तक अधूरे पड़े हुए हैं। कई सामुदायिक शौचालय ही घर में बना दिए। इस तरह आधा अधूरा काम किया रिकॉर्ड पूरा किया गया है।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को आदेश दिए
अलवर. जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओडीएफ से ओडीएफ प्लस के मापदण्डों पर प्रत्येक ग्राम पंचायत को लेकर जाएं। स्वच्छता को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में सतत मॉनिटरिंग करें। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गुरुवार को ओडीएफ निरन्तरता,स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण -2018 एवं महावारी प्रबंधन विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला हुई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 का आयोजन 31 अगस्त तक कराया जा रहा है। सर्वेक्षण में ग्राम पंचायत के सार्वजनिक स्थलों का सर्वेक्षण करने के साथ स्वच्छता के विषय पर समुदाय की समक्ष एवं स्वच्छता की स्थिति बेहतर बनाने के संबंध में समुदाय की सिफारिशों तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम पर दर्ज ऑकडों की वस्तुस्थिति के आधार पर अंक देकर रैकिग दी जाएगी। कार्यशाला में जिला परिषद के मुख्य कायकारी अधिकारी अंशदीप ने स्वच्छता के संबंध में गाइड लाइन की विस्तार से जानकारी दी।