अलवर

Alwar: प्याज की खेती हुई महंगी: अलवर में बुवाई 30% तक कम, नवंबर में बढ़ सकते हैं दाम

अलवर जिले में बढ़ती लागत ने किसानों को प्याज की खेती से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है। महंगे बीज, डीजल और मजदूरी के कारण इस बार प्याज की बुवाई पिछले साल के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत कम रहने की उम्मीद है। इसका असर नवंबर में आने वाली नई प्याज की कीमतों पर पड़ सकता है।
2 min read
Sep 01, 2026
alwar onion farming
अलवर में प्याज की रोपाई करते किसान (फोटो - पत्रिका)

प्याज की खेती जेब को भारी पड़ता देख किसानों ने इसकी बुवाई कम कर दी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बुवाई करीब 30 प्रतिशत कम रहने की उम्मीद है। हालांकि बुवाई कम होने के लिए महज एक यही वजह नहीं है। प्याज के कण (प्याज का बीज) के दाम ज्यादा हैं। डीजल और मजदूरी बढ़ चुकी है, ऐसे में लागत बढ़ता देख किसान खेती से तौबा करता नजर आ रहा है।

पिछले आठ दिनों में जिलेभर में 50 फीसदी से ज्यादा रोपाई हो चुकी है। वहीं, बाजरे की कटाई के बाद अगले 20 दिन में यानी 20 सितंबर तक रोपाई पूरी होने की उम्मीद है।

कण के दाम दोगुने से ज्यादा

पिछले साल प्याज का कण 2000 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा था। इस बार दाम बढ़कर 5000 से 7000 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं। एक बीघा में करीब 6 क्विंटल कण की जरूरत होती है। ऐसे में किसानों की लागत बढ़ गई है। यही वजह है कि कई किसानों ने इस बार रकबा कम कर दिया है।

महंगे रहेंगे प्याज के दाम

नई प्याज के भाव इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। पिछले वर्ष नई प्याज के शुरुआती भाव करीब 1600 से 1700 रुपए प्रति मण रहे थे। इस बार प्याज का उत्पादन क्षेत्र घटने और खेती की लागत बढ़ने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। किसानों का अनुमान है कि शुरुआती दौर में प्याज के भाव पिछले साल के मुकाबले 200 से 300 रुपए प्रति मण अधिक रह सकते हैं। ऐसे में नई प्याज के दाम करीब 2 हजार रुपए प्रति मण तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।


नवंबर में आएगी नई फसल

नवंबर में मंडियों में नए की आवक शुरू होगी। अलवर का प्याज पूरे देशभर में सप्लाई होता है। खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, हिमाचल और जम्मू तक प्याज की खेप भेजी जाती है।

हालांकि भंडारण की व्यवस्था नहीं होने की वजह से किसान को हर बार औने-पौने दामों पर ही प्याज बेचना पड़ता है। इसके अलावा अलवर में प्याज प्रसंस्करण की कोई यूनिट नहीं होने की वजह से किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान प्याज प्रसंस्करण यूनिट शुरू करने की मांग कर रहे है।

Updated on:
01 Sept 2026 02:01 pm
Published on:
01 Sept 2026 01:58 pm