
अलवर. दम्पती को घर में बंधक बना डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की धरपकड़ में पुलिस की साइक्लोन सैल ने पर्दे के पीछे असली हीरो की भूमिका निभाई। हालांकि बदमाशों की धरपकड़ में जुटे अन्य पुलिस अधिकारियों और टीम का भी सराहनीय काम रहा। आपको बताते हैं कि वारदात के खुलासे में किन-किन पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वारदात की सूचना के बाद सबसे पहले सीओ सिटी डॉ. प्रियंका रघुवंशी और कोतवाल जितेन्द्र सिंह सोलंकी मौके पर पहुंचे। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह और एएसपी देवेन्द्र कुमार व डीएसपी दीपक शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। वारदात की गंभीरता देखने के बाद साइक्लोन सैल को लगाया गया। उपनिरीक्षक जयकिशन के नेतृत्व में संजय, विजेन्द्र, अमित, करण, लोकेश व धमेन्द्र की साइक्लोन टीम ने पर्दे के पीछे रहते हुए घटना के सभी तकनीकी पहलुओं का बारीकी से विश्लेषण किया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और टावर लोकेशन जुटाई। मैराथन एक्सरसाइज के बाद इन तकनीकी सबूतों माध्यम से संदिग्धों को चिह्नित किया। साइक्लोन टीम के सहयोग से पुलिस के अपराधियों की धरपकड़ में सफल रही।
सीओ और कोतवाल भी जुटे रहे
वारदात के पहले दिन से सीओ सिटी डॉ. प्रियंका रघुवंशी और कोतवाल जितेन्द्र सिंह सोलंकी बदमाशों की धरपकड़ के प्रयासों में जुटे रहे। अपराधियों की धरपकड़ और माल बरामदगी में सीओ सिटी, कोतवाल के साथ एनईबी थानाधिकारी प्रेम बहादुरसिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा सीआईयू टीम ने भी पूरी भूमिका निभाई।
अगर लेट हो जाती पुलिस तो भाग जाते बदमाश
बदमाशों के बारे में पता लगते ही पुलिस अधिकारी भारी लवाजमे के साथ मीणापुरा गांव पहुंचे और गांव की चारों तरफ से घेराबंदी कर ली। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों के घर दबिश देकर उन्हें दबोच लिया। पुलिस की दबिश अंदेशा होने के कारण बदमाश भागने की फिराक में थे। यदि पुलिस थोड़ी देरी से पहुंचती तो बदमाश गांव से भाग निकलते।