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अलवर में GenZ संवाद: 1200 से अधिक युवाओं को दिया नशा मुक्ति, साइबर और ट्रैफिक सुरक्षा के टिप्स

अलवर में युवाओं को नशे, साइबर ठगी और सड़क हादसों से बचाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने खास पहल की। प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित ‘GenZ संवाद’ कार्यशाला में 1200 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने युवाओं को सुरक्षित रहने, सतर्कता बरतने और जिम्मेदारी से व्यवहार करने की जानकारी दी।
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Oct 14, 2026
alwar police genz samvad
प्रताप ऑडिटोरियम में SP विद्यार्थियों से संवाद करते हुए (फोटो - पत्रिका)

अलवर पुलिस (Alwar Police) और जिला प्रशासन (District Administration) की ओर से आयोजित ‘GenZ संवाद’ कार्यशाला में युवाओं को रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई जरूरी बातें बताई गईं। प्रताप ऑडिटोरियम (Pratap Auditorium) में हुए कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग कोचिंग संस्थानों के 1200 से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सड़क दुर्घटनाओं जैसे खतरों के प्रति जागरूक करना था।

पुलिस अधीक्षक ने किया संवाद 

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) सुधीर चौधरी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) डॉ. दीपक कुमार ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। ऐसे में उनका नशे की गिरफ्त में आना परिवार और समाज, दोनों के लिए चिंता का विषय है। विद्यार्थियों से खुद नशे से दूर रहने और अपने दोस्तों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करने की अपील की गई।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी

कार्यशाला में साइबर सुरक्षा (Cyber Security) पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए गए। अधिकारियों ने समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी (OTP), पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। छोटी-सी लापरवाही से आर्थिक नुकसान हो सकता है।

साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसके अलावा अलवर हेल्पलाइन नंबर 8764874306 की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।

हेलमेट पहनें, तेज रफ्तार से बचें

सड़क सुरक्षा (Road Safety) के तहत विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख दी गई। अधिकारियों ने तेज रफ्तार से वाहन चलाने, बिना हेलमेट बाइक चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने से बचने को कहा। उन्होंने समझाया कि सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। घर पर परिवार के सदस्य इंतजार कर रहे होते हैं, इसलिए सुरक्षित वाहन चलाना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आपात स्थिति में डायल 112 और 100 तथा गरिमा हेल्पलाइन 1090 की जानकारी भी साझा की गई।

कई अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) अंबालाल मीना , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. प्रियंका, सीओ सिटी (साउथ) मनीष शर्मा और सामाजिक न्याय विभाग के उपनिदेशक लक्ष्मण सिंह मौजूद रहे। 

Updated on:
14 Oct 2026 04:45 pm
Published on:
14 Oct 2026 04:45 pm