अलवर

थानागाजी दुष्कर्म मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही, FIR दर्ज होने के बाद भी घरों में चैन से सो रहे थे दरिंदे

थानागाजी गैंग रेप केस में पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई है।
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May 09, 2019
alwar gangrape

अलवर. थानागाजी गैंगरेप मामले में एफआईआर दर्ज होने के दो दिन बाद तक दरिंदे अपने घरों में चैन की नींद सो रहे थे। अलवर पुलिस की गंभीर लापरवाही के कारण ही घटना के वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर वायरल और आरोपी फरार हुए। पुलिस तत्काल कार्रवाई करती तो आरोपी पहले ही धरे जाते और सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो-फोटो भी वायरल नहीं होते।

पुलिस सूत्रों के अनुसार 26 अप्रेल को थानागाजी के दुहार चौगान के समीप बीहड़ों में पति के सामने पत्नी से गैंगरेप के बाद पांचों आरोपी छोटेलाल गुर्जर, अशोक गुर्जर, इंद्राज गुर्जर, हंसराज गुर्जर और महेश गुर्जर कुछ देर साथ रहे। फिर अपने-अपने घर चले गए। पीडि़त ने 30 अप्रेल को पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। लेकिन वह दो दिन थानागाजी थाने में पड़ी रही। दो मई को पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन कार्रवाई शुरू नहीं की। पुलिस की सुस्ती के कारण एफआईआर दर्ज होने के 2 दिन बाद तक यानि 4 मई तक आरोपी अपने-अपने घरों पर चैन की नींद ले रहे थे। घटना के फोटो-वीडियो वायरल हुए तो आरोपी घर छोडकऱ भाग गए।

रुपए ऐंठने की होड़

पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि गैंगरेप के दौरान आरोपियों ने महिला के पति से 2 हजार रुपए छीने। आरोपी छोटेलाल ने पीडि़ता के पति से 10 हजार रुपए की डिमांड की। जब ये बात इंद्राज को पता चली तो उसे लगा कि छोटेलाल खुद ही पूरे रुपए रख लेगा। फिर इंद्राज, हंसराज व मुकेश वगैरहा में भी पीडि़ता के पति से रुपए ऐंठने की होड़ मच गई।

दहशत फैलाने के लिए वीडियो वायरल

गैंगरेप का वीडियो व फोटो इंद्राज के मोबाइल से आरोपी इंद्राज और अशोक ने बनाए। इंद्राज ने ये वीडियो-फोटो अपने दोस्त मुकेश गुर्जर के व्हाट्स-एप पर डाल दिए और फिर खुद के मोबाइल से वीडियो-फोटो डिलीट कर दिए। पीडि़ता के पति से रुपए ऐंठने, दहशत फैलाने और रुतबा जमाने के लिए मुकेश ने घटना के वीडियो-फोटो वायरल कर दिए।

Updated on:
10 May 2019 02:18 pm
Published on:
09 May 2019 10:35 am