
अलवर. अपराधियों के बुलंद हौसलों के बीच शुक्रवार को अलवर पुलिस की नींद टूटी। अपनी कार्यशैली से अलग पुलिस ने खुद पीडि़त के घर जाकर कहा कि आप कृपया एफआईआर दर्ज कराएं। राजस्थान पत्रिका के शुक्रवार के अंक में ‘फिर सरेराह गुंडागर्दी, कलक्टर निवास के बाहर छात्रा से मोबाइल छीन ले गए’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए यह कदम उठाया। पुलिस की टीम के पास अखबार की खबर के अलावा पीडि़त के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। खबर के आधार पर पुलिस ने कलक्टर निवास के निकट की कॉलोनी में जाकर डोर टू डोर पड़ताल की और पीडि़त तक पहुंची।
कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि प्रीति निवासी कोटकासिम बैंक कॉलोनी में किराए के मकान में रहती है। वह गुरुवार रात 8.30 बजे नेहरू पार्क से साथी छात्रा के साथ घर जा रही थी। इस दौरान वह फोन पर बात कर रही थी। उसी समय पीछे से अचानक आए बाइक सवार तीन युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। बदमाश स्टेशन रोड से काली मोरी होते हुए भवानी तोप सर्किल की ओर भाग निकले। इस दौरान कुछ युवकों ने उनका पीछा भी किया। प्रीति ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
खबर प्रकाशित होने से हिम्मत बढ़ी
जिस छात्रा के हाथ से गुंडों ने फोन छीना था, उसके भाई कपिल उदय ने शुक्रवार को बताया कि राजस्थान पत्रिका ने आम आदमी की पीड़ा को जिस प्रकार से उजागर किया, उससे हमारी हिम्मत बढ़ी। कपिल का कहना है कि पुलिस ने घर आकर कहा कि आप एफआईआर दर्ज कराएं। हम खुद भी यही चाहते थे। पुलिस से बस यही अपेक्षा करते हैं कि अपराधियों को इतनी छूट नहीं मिले कि वे आमजन का जीना ही मुश्किल कर दे।