
पुलिस की आन, बान और शान खाकी से है, लेकिन कई पुलिसकर्मी इसे पहनने में गुरेज करते हैं। अलवर में ये गुरेज अब दूर होता दिखाई दे रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक के सभी पुलिसकर्मियों के खाकी वर्दी में रहने के सख्त आदेश से महकमे में खलबली मची हुई है। जो पुलिसकर्मी कभी खाकी वर्दी नहीं पहनते थे, वो भी अब वर्दी में नजर आने लगे हैं। वहीं, कई वर्दी सिलाने के लिए टेलरों के चक्कर काट रहे हैं। रोचक की बात यह है कि पुलिस की वर्दी सिलने वाले टेलरों के पास अचानक काम बढ़ गया है और कुछ ने तो वर्दी सिलने के ऑर्डर तक लेना बंद कर दिए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने 21 जुलाई को जिले में कार्यभार ग्रहण किया। पुलिस थानों और पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि काफी पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो ड्यूटी के दौरान खाकी वर्दी नहीं पहनते हैं। इसके तत्काल बाद पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को वर्दी में रहने के सख्त आदेश दिए। बिना वर्दी में रहने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके बाद से पुलिस महकमे में खाकी वर्दी को लेकर खलबली मची हुई है। थानों और पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने वर्दी पहनना शुरू कर दिया है। वहीं, कई पुलिसकर्मियों ने हाल ही नई वर्दी सिलाई है तथा कुछ पुलिसकर्मी वर्दी सिलाने के लिए टेलरों के पास चक्कर लगा रहे हैं।
वर्दी सिलने वाले तीन-चार टेलर
जिला मुख्यालय पर पुलिस की वर्दी सिलने वाले तीन-चार ही टेलर हैं। इनमें एक-दो काफी पुराने हैं। उनके पास ही ज्यादातर पुलिसकर्मी वर्दी सिलाने आते हैं। बरसों से पुलिस की वर्दी सिलने का काम कर रहे सुभाषचंद ने बताते हैं कि वे एक दिन में दो से तीन वर्दी तैयार करते हैं। पिछले एक माह सेअचानक वर्दी सिलाने के लिए ज्यादा पुलिसकर्मी आ रहे हैं। अधिक काम का भार बढऩे पर उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी सिलने के ऑर्डर लेना फिलहाल बंद कर दिया हैं। पुराने ऑर्डर की पूर्ति होने के बाद ही नए ऑर्डर लेंगे।