तबलीगी जमात से कुछ लोग हरियाणा से अलवर के रास्ते राजस्थान में प्रवेश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सीमा में नहीं आने दिया
अलवर/नौगांवा. देश के लिए चिन्ता का विषय बने मरकज के जमातियों का मामला सोमवार देर रात प्रकाश में आया। इससे पहले दोपहर इन जमातियों ने अलवर के रास्ते राजस्थान की सीमा में प्रवेश करना चाहा, लेकिन एक पुलिस अधिकारी की सख्ती और तत्परता ने इन्हें प्रवेश करने से मना कर दिया और अलवर जिला इनके संक्रमण से महफूज रह गया। हांलाकि इस मामले से उस समय सभी लोग अनभिज्ञ थे।
गौरतलब है कि दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में जमाती बड़ी संख्या में इकठ्ठा थे। प्रशासन की सख्ती के बाद सोमवार दोपहर दो गाडिय़ों में करीब 10 जमाती राजस्थान चैक पोस्ट पर आए और हरियाणा प्रशासन की परमिशन का हवाला देकर अलवर के रास्ते राजस्थान में प्रवेश कर आंध्रप्रदेश जाने के लिए कहा। उनके पास 30 मार्च से 7 अप्रैल तक की हरियाणा प्रशासन से परमिशन थी, लेकिन राजस्थान चैक पोस्ट पर सीमा सील के दौरान वहां पुलिस उपाधीक्षक (दक्षिण) दीपक शर्मा और नौगांवा थानाप्रभारी मोहनसिंह गुर्जर पहुंचे। पुलिस उपाधीक्षक शर्मा ने केवल इमरजेंसी परमिशन को ही प्रवेश देने का हवाला देकर इन जमातियों की दोनों गाडिय़ों को वापस लौटा दिया। वापस लौटाने के बाद जमातियों की गाड़ी कुछ देर तक राजस्थान-हरियाणा सीमा के पास खड़ी रही और बाद में हरियाणा के लिए वापस लौट गई। अगर उस समय पुलिस अधिकारी दीपक शर्मा सख्ती नहीं दिखाते और उन्हें राजस्थान सीमा में प्रवेश दे देते तो अलवर सहित राजस्थान के कई जिलों में लोगों संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता था।
मेवात के लोगों को हो सकता है खतरा
अंदेशा लगाया जा रहा है कि मरकज के ये संक्रमित लोग हरियाणा और राजस्थान के मेवात इलाके में कोरोना संक्रमण की दस्तक दे सकते हैं। सोमवार को आए लोगों को हांलाकि राजस्थान पुलिस ने वापस लौटा दिया, लेकिन ये लोग मेवात सहित अलवर जिले में सीमा से सटे चोर रास्तों से भी प्रवेश कर सकते हैं। प्रशासन को इन संक्रमित लोगों के प्रवेश रोकने के लिए मुस्तैद रहना पड़ेगा, जिससे कोरोना के संक्रमण से लोगों का बचाव किया जा सके।
इनका कहना है
सोमवार दोपहर को सीमा सील के दौरान कुछ लोग राजस्थान सीमा में प्रवेश के लिए आए थे, लेकिन मेडिकल इमरजेंसी के अलावा किसी को राजस्थान सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया और उन्हे वापस लौटा दिया गया। आगे भी इस तरह के लोगों के प्रवेश पर नजर रखी जाएगी। जिससे अलवर जिले के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव किया जा सके।
- दीपक शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक (दक्षिण) अलवर।
तस्दीक करा रहे हैं
अलवर जिले में कुछ जमातें आई हुई हैं। जिनके बारे में पुलिस प्रशासन को सूचना मिली है। इन जमातों के लोग कहां-कहां रुके हैं इस सम्बन्ध में तस्दीक कराई जा रही है।
- परिस देशमुख, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।