अलवर

अलवर में रक्षक ही बने भक्षक, पुलिसकर्मियों ने राहगीरों को लूटा

जिले के चार पुलिसकमियों ने खाकी पर बदनामी का दाग लगा दिया है। तीन पुलिसकर्मियों ने एक अन्य साथी युवक के साथ मिलकर गोविंदगढ़ इलाके में राहगीरों को बंधक बना लूट की वारदात को अंजाम दे डाला।

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Aug 12, 2021

अलवर। जिले के चार पुलिसकमियों ने खाकी पर बदनामी का दाग लगा दिया है। तीन पुलिसकर्मियों ने एक अन्य साथी युवक के साथ मिलकर गोविंदगढ़ इलाके में राहगीरों को बंधक बना लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। वहीं, चौथा पुलिसकर्मी परिवादी को डरा-धमका राजीनामे के लिए दबाव बनाने लगा। इन चारों पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया गया है। मामले में एक कांस्टेबल सहित दो जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि 29 जुलाई को गोविंदगढ़ थाने में परिवादी साहिल खां ने रिपोर्ट दी कि 27 जुलाई की शाम करीब 6 बजे वह और उसका ***** खालिद बाइक पर सवार होकर झीतरेड़ी से गोविंदगढ़ आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में भैंसड़ावत मोड़ पर पीछे से एक बोलेरो गाड़ी में चार व्यक्ति आए। जिन्होंने उन्हें रोका और अपनी गाड़ी में बैठाकर जंगल में ले गए। वहां उनके साथ मारपीट की और 27 हजार रुपए छीन लिए। साथ ही 13 हजार रुपए ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर कराए। इसके बाद उन्हें जंगल में छोड़कर चले गए। पुलिस ने घटना के सम्बन्ध में चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।

यों हुआ वारदात का खुलासा
पुलिस ने गाड़ी के नम्बर और जिस खाते में ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर किए उसके बारे में पता लगाया। जिसमें राहुल नाम के व्यक्ति की पहचान हुई। इस पर बुधवार को पुलिस ने लूट के मुख्य आरोपी राहुल खां को गिरफ्तार किया। मुल्जिम राहुल से पूछताछ में सामने आया कि वारदात में उसके साथ एनईबी थाने के कांस्टेबल अनीश व गंगाराम और शिवाजी पार्क थाने का कांस्टेबल नरेन्द्र शामिल थे।

परिवादी को डरा-धमका रहा था कांस्टेबल रामजीत
इसके साथ ही सदर थाने का कांस्टेबल रामजीत परिवादी को डरा-धमका रहा था। वह परिवादी को झूठे साक्ष्य देने और राजीनामा करने का दबाब बना रहा था। पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल रामजीत सिंह पुत्र हरबीर सिंह गुर्जर निवासी झीतरेड़ी थाना नगर-भरतपुर और मुख्य आरोपी राहुल खां पुत्र महमूद खां निवासी पिपरोली-रामगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है।

वारदात के बाद से चल रहे हैं गैरहाजिर
लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद से 30 जुलाई से ही कांस्टेबल अनीश पुत्र शकरुद्दीन खां निवासी बल्लाना थाना अरावली विहार, गंगाराम पुत्र रतीराम गुर्जर निवासी तालेड़ा थाना गोविंदगढ़ और नरेन्द्र पुत्र नन्नूराम जाटव निवासी सैंथली थाना सदर तीनों गैरहाजिर चल रहे हैं। बुधवार को तीनों कांस्टेबलों के लूट के प्रकरण में नामजद होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगा दी गई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चारों पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर उनके खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कानून से ऊपर कोई नहीं : एसपी
जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बुधवार को प्रेसवार्ता में इस मामले का खुलासा करते हुए कहा कि किसी भी मामले में कोई भी व्यक्ति हो, कानून सबसे के लिए एक है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। अगर पुलिस विभाग के कोई भी कर्मचारी इस तरह से अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी उसी तहर से कार्रवाई की जाएगी। जिस प्रकार हर अपराधी के खिलाफ की जाती है।

Published on:
12 Aug 2021 04:01 pm
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