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अलवर: ‘मुझे जीना था…’, मौत से पहले महिला ने नोट लिख मांगा इंसाफ, 7 महीने की थी गर्भवती

अलवर में सात माह की गर्भवती अंतिमा राजपूत के मामले में मोबाइल कवर और डायरी से नोट मिलने की बात सामने आई है। नोट में पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं।
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Oct 11, 2026
Alwar Pregnant Woman Case
मृतका अंतिमा राजपूत (पत्रिका फोटो)

अलवर. 'मुझे जीना था, मरना नहीं था, मैं चाहती हूं कि मुझे इंसाफ मिले।' सात माह की गर्भवती अंतिमा राजपूत (28) के मोबाइल कवर में मिले नोट में लिखे ये शब्द उसकी पीड़ा बयां कर रहे हैं। अरावली विहार थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात शांति-कुंज कॉलोनी के पास एफसीआई गोदाम के नजदीक अंतिमा डबल डेकर ट्रेन की चपेट में आ गई। पुलिस को उसके मोबाइल कवर में एक नोट मिला है, जिसमें उसने पति सौम्य परमार, सास मंजू देवी और ससुर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। साथ ही, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अंतिमा के भाई जसवेन्द्र सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अंतिमा भरतपुर के गोविंद नगर निवासी सौम्य राजपूत की पत्नी थी। वह पिछले पांच महीने से अलवर के मूंगस्का स्थित जनता कॉलोनी में अपने मायके में रह रही थी। परिजनों के अनुसार, अंतिमा की शादी 23 नवंबर 2023 को हुई थी। उसका पति सौम्य राजपूत (35) भरतपुर के सकरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल है।

भाई ने दहेज प्रताड़ना का लगाया आरोप

भाई जसवेन्द्र सिंह ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और सास-ससुर दहेज की मांग को लेकर अंतिमा को परेशान करने लगे थे। परिजनों के मुताबिक, शादी में कार सहित अन्य सामान और जेवरात दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से एसयूवी-700 गाड़ी की मांग की जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में भी दहेज की मांग को लेकर अंतिमा को परेशान किया गया। भाई ने आरोप लगाया कि पति ने उसे मारने की नीयत से गला दबाने की कोशिश की और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद अंतिमा को ससुराल छोड़कर मायके आना पड़ा। वह पिछले पांच महीने से मायके में रह रही थी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्कूटी लेकर घर से निकली थी अंतिमा

पुलिस के अनुसार, अंतिमा शुक्रवार देर शाम स्कूटी लेकर घर से निकली थी। एफसीआई गोदाम के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक सड़क किनारे उसकी स्कूटी खड़ी मिली। रात 7 बजकर 55 मिनट पर भाई जसवेन्द्र ने अंतिमा के मोबाइल पर फोन किया। फोन रेलवे गार्ड ने उठाया और महिला की मौत की जानकारी दी। गार्ड ने बताया कि महिला के पास से मोबाइल मिला है। इसके बाद शव को महुवा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के सुपुर्द किए जाने की जानकारी दी गई।

परिजनों के अनुसार, अंतिमा के घर से मिली डायरी में भी एक नोट मिला है। इसमें उसने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। पुलिस ने भाई की रिपोर्ट और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

'नौकरानी की तरह रखती थी सास'

अंतिमा के नोट में पति और सास-ससुर पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। उसने लिखा कि उसकी सास उसके साथ नौकरानी जैसा व्यवहार करती थी और पति को उसके खिलाफ भड़काती थी। नोट के अनुसार, गर्भवती होने के बावजूद उसे परेशान किया जाता था।

अंतिमा ने आरोप लगाया कि सास के भड़काने पर पति ने रात करीब दो बजे उसका गला दबाकर मारने की कोशिश की थी। इस घटना के अगले दिन वह अपने मायके आ गई थी। परिजनों के अनुसार, अंतिमा पिछले पांच महीने से पीहर में रह रही थी, लेकिन इस दौरान भी वह मानसिक परेशानी से उबर नहीं पाई। मामले में पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

Updated on:
11 Oct 2026 11:36 am
Published on:
11 Oct 2026 11:36 am