अलवर

यही हैं वे गायें, जिनकी वजह से अलवर देशभर में सुर्खियों में है

अलवर इन दोनों गायों की वजह से ही सुर्खियों में है। इन्हें ही ललावंडी से बरामद किया गया था।
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Jul 25, 2018
Alwar Rakbar Khan : Cows which are bring from rakbar khan in ramgarh
यही हैं वे गायें, जिनकी वजह से अलवर देशभर में सुर्खियों में है

ये हैं वो काळी और धोळी जिन्हें पुलिस ने ललावंडी गांव से बरामद कर तीन दिन पहले सुधासागर गोशाला में छुड़वाया। इन गायों के पीछे ही ललावंडी में मॉब लिंचिंग की घटना घटी। इन्हीं दोनों गायों को रकबर और असलम पैदल-पैदल ले जा रहे थे जिन्हें गोतस्करी शक में भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर मारा। काळी और धोळी गोशाला में कुछ सुस्त हैं। गोशाला में काफी गायों को देख डर रही हैं और ठीक से चारा भी नहीं खा रही हैं। गोशाला प्रबंधन ने इन दोनों गायों के खानपान का ध्यान रखते हुए बीच-बीच में कुछ समय के लिए अकेला भी रख रहा है जिससे कि वह चारा-पानी ले सके।

गोशाला के व्यवस्थापक कपूरचंद जैन का कहना है कि गोशाला में फिलहाल 384 गायें हैं। इनमें से अधिकांश गायें पुलिस द्वारा गोतस्करों के कब्जे से मुक्त कराकर यहां छोड़ी गई हैं। जैन ने बताया कि ललावंडी से बरामद गायों पुलिस 21 जुलाई को सुबह करीब 3.30 बजे छोडकऱ गई। इन दोनों में से एक भी गाय दुधारु नहीं है।

हमारे पास गायें ही नहीं हैं, न हमने बेची

जिस रास्ते से रकबर और असलम द्वारा गायें लेकर आना बताया जा रहा है। पत्रिका टीम मंगलवार को उसी रास्ते से रामगढ़ से बड़ौदामेव के लाडपुर गांव पहुंची। पहाड़ी तलहटी में बसे गांव में टीम मल्ला और सुन्ने खां के घर पहुंची। वहां मल्ला और सुन्ने खां घर पर नहीं मिले, लेकिन उनका परिवार वहीं था। पूछताछ करने पर मल्ला की पत्नी हारुनी ने बताया कि मल्ला मजदूरी करता है और अलवर मजदूरी करने गया है।

हारुनी ने बताया कि उनके पास कोई गाय नहीं है। सिर्फ गाय की एक बछिया है। तीन दिन पहले उन्होंने किसी को कोई गाय नहीं बेची। चार-पांच माह पहले जरुर एक गाय गांव में ही बेची थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। वहीं, सुन्ने खां की पत्नी मनसीदा बोली कि उनके पास एक दुधारु गाय है। उसका पति सुन्ने खां गाड़ी चलता है और गाड़ी पर बाहर गया हुआ है। पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि उनसे पूछताछ करने पुलिस भी आई थी, जिसे भी उन्होंने ये ही कहा था कि उन्होंने कोई गाय नहीं बेची।

मैंने स्वयं बगड़ तिराया स्थित सुधासागर गौशाला में जाकर रकबर खां से बरामद गायों को देखा। उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया तो एक गाय देशी जिसकी उम्र करीब चार साल व एक होलेस्टन गाय जिसकी उम्र करीब छह साल है। गाय काफी कमजोर तथा दूध देने में असमर्थ थी यानि दुधारु नहीं थी। - डॉ.सीताराम वर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय रामगढ़।

Published on:
25 Jul 2018 11:09 am