
अलवर जिले में इस बार महिला नेतृत्व का रहेगा दबदबा। फोटो: एआई
अलवर। अलवर जिले में इस बार महिला नेतृत्व का दबदबा रहेगा। पिछले 25 वर्षों में जिस तरह महिलाओं ने निकायों की कमान संभाली है, आरक्षण की नई तस्वीर ने उस राजनीतिक परंपरा को एक बार फिर आगे बढ़ाने का मौका दिया है। नगर निगम, जिला प्रमुख समेत जिले के 12 में से 8 निकायों में इस बार मुखिया की कुर्सी महिलाएं संभालेंगी। पिछले करीब 25 वर्षों में जिला परिषद और नगर निगम (पूर्व में नगर परिषद) की कमान लंबे समय तक महिलाओं के हाथों में रही है।
दोनों जगह लगभग 15 15 वर्षों तक महिला चेयरमैन व प्रमुख रह चुकी हैं। ऐसे में इस बार दोनों पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से अलवर में महिला नेतृत्व की पुरानी परंपरा एक बार फिर कायम होती दिखाई दे रही है। जिला परिषद में भी महिला नेतृत्व का लंबा इतिहास रहा है। वर्ष 2000 में भाजपा की डॉ. किरण यादव जिला प्रमुख बनीं। वर्ष 2010 में कांग्रेस की सफिया खान व वर्ष 2015 में कांग्रेस की रेखा यादव जिला प्रमुख बनीं थीं।
अब एक बार फिर अलवर जिला परिषद और नगर निगम दोनों के शीर्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से राजनीतिक दलों में महिला दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। आरक्षण की लॉटरी निकलते ही भाजपा व कांग्रेस में मेयर व जिला प्रमुख का सपना देख रहे नेताओं के सपने टूटे जरूर है, लेकिन वे मायूस नहीं है। वे अपनी पत्नियों को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रहे हैं। दिग्गजों के परिवारों में महिला प्रत्याशियों की तलाश शुरू हो गई है।
पंचायत समितियों के प्रधान, जिला परिषद के जिला पार्षदों के वार्डों का आरक्षण लॉटरी के जरिए 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे मिनी सचिवालय सभागार में निकाला जाएगा। इसी प्रकार ग्राम पंचायतों के सरपंच व वार्ड पंचों के आरक्षण का निर्धारण संबंधित उपखंड अधिकारी 18 अगस्त को करेंगे।
| वर्ष | आरक्षण श्रेणी | जिला प्रमुख | पार्टी |
|---|---|---|---|
| 2000 | ओबीसी महिला | मीना सैनी | भाजपा |
| 2005 | अनारक्षित (ओपन) | अजय अग्रवाल | भाजपा |
| 2009 | ओबीसी महिला | हर्षपाल कौर | भाजपा |
| 2014 | अनारक्षित (ओपन) | अशोक खन्ना | भाजपा |
| 2019 | अनारक्षित महिला | बीना गुप्ता | कांग्रेस |
Updated on:
14 Aug 2026 10:39 am
Published on:
14 Aug 2026 10:39 am
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
