
अलवर. अलवर नगर परिषद सफाई कर्मी भर्ती से नौकरी की आस लगाए बैठे युवाओं को अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई है। नगर परिषद की सफाई कर्मचारी भर्ती का झमेला शांत नहीं हो पा रहा है। अब पिछली 2012 की सफाईकर्मी भर्ती में जिन अधिकारी व कर्मचारियों को चार्जशीट दी गई उनको नई समिति में शामिल कर लिया।
यह मुद्दा सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। गुरुवार को भी कुछ लोगों ने स्थानीय निकाय के निदेशक को सूचना भेजकर शिकायत की है। उनका कहना है कि संविदा पर लगे कार्मिकों को भीसमिति में लगा दिया। जबकि सरकारी सफाईकर्मी भर्ती एक बडी जिम्मेदारी है। इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ताकि यह भर्ती भी पहले की तरह अधरझूल में लटक जाए।
ऐसा हुआ तो वाल्मीकि समाज के लोगों से अन्याय होगा। नगर परिषद में सालों से सफाई कर्मचारी भर्ती नहीं हो सकी है। इस मामले में आयुक्त संजय शर्मा का कहना है कि चार्जशीट की जानकारी नहीं है। वैसे अनुभवी कर्मचारी व अधिकारियों को ही जिम्मेदारी दी है।
सफाईकर्मी बनने के बाद कार्य
सफाईकर्मी बनने के बाद शहर में सफाई का कार्य ही करना पड़ेगा। नालों में नीचे उतरकर गंदगी निकालने का काम भी मिल सकता है। झाडू लेकर सफाई करना तो एक सफाईकर्मी का नियमित कार्य है। अभी तक शहर में अधिकतर वाल्मीकि समाज के लोग ही यह कार्य करते आए हैं, लेकिन अब इस कार्य के लिए भी हर वर्ग के लोग लाइन में हैं।
नई समिति बनाई
नए आवेदकों के साथ पुराने आवेदनों को शामिल करते हुए लॉटरी निकालने की प्रक्रिया के लिए नई समिति बनाई गई है। पुरानी समिति के कई कर्मचारियों को बदला गया है। हालांकि अब यह शिकायत आने लगी है कि भर्ती जैसे अहम काम में संविदा पर लगे और पहले लापरवाही के कारण नोटिस प्राप्त कर्मचारियों को नहीं लगाया जाए। ताकि भर्ती में निष्पक्षता बनी रहे।