
सकट क्षेत्र के नारायणपुर गांव में स्थित मुरली मनोहर मंदिर और यति महाराज के आश्रम पर 2 जुलाई से 10 जुलाई तक होने वाले इस 24वें विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ को लेकर पूरे इलाके में भारी उत्साह है। गुरुवार सुबह सकट कस्बे के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से इस कलश यात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा रवाना होने से पहले विधि-विधान के साथ मुख्य ध्वज और मंगल कलशों का पूजन किया गया। यह कार्यक्रम 10 जुलाई तक चलेगा।
नाथलवाड़ा के मुकेश मंडावरी ने बताया कि बैंड-बाजे की मधुर धुनों के बीच शुरू हुई यह कलश यात्रा सकट कस्बे के विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा ने सीताराम मंदिर, चौथ माता मंदिर, चतुर्भुज नाथ, रघुनाथजी, थाई वाले हनुमान और नदी वाले गणेश मंदिर की परिक्रमा की। करीब 2 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके यह कलश यात्रा नारायणपुर गांव के यति महाराज आश्रम पर पहुंचकर संपन्न हुई।
कलश यात्रा का नजारा बेहद खूबसूरत और भक्तिमय था। पुरुष श्रद्धालु अपने हाथों में धर्म ध्वजा और पताका लेकर भगवान के जयकारे लगाते हुए सबसे आगे चल रहे थे। उनके पीछे पारंपरिक और नए परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर भजन गाती हुई कदम बढ़ा रही थीं। भक्ति के इस माहौल में कई महिला श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने बैंड-बाजे की धुन पर जमकर नृत्य भी किया।
इस यात्रा का रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने फूलों की बारिश कर जोरदार स्वागत किया। गर्मी को देखते हुए नीमडी वाला बास के सैनी समाज के लोगों ने एक सराहनीय पहल की और कलश यात्रा में शामिल सभी भक्तों को राहत देने के लिए ठंडाई का वितरण किया। इस आयोजन में नारायणपुर के अलावा सकट, जोनेटा, मंडावरी, थमावली, नाथलवाडा, राजपुर बड़ा, बीधोता और करनावर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए।
फतेह राम मीणा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य श्रीमद् भागवत कथा 3 जुलाई से रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक होगी, जिसमें प्रसिद्ध कथावाचक संत साईं राम अपने मुखारविंद से भक्तों को कथा का रसपान कराएंगे। वहीं, यज्ञ आचार्य पंडित रामबाबू शर्मा के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह 7 से 9 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक हवन यज्ञ किया जाएगा। इस नौ दिवसीय धार्मिक महोत्सव का समापन 10 जुलाई को भव्य पूर्णाहुति और विशाल भंडारे (महाप्रसाद) के साथ होगा।