
वैशाली नगर थाना (फाइल फोटो)
राजस्थान के अलवर में श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस और श्रीराम फाइनेंस के नाम पर ₹33 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। यह मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र का है, जहां सूर्य नगर के रहने वाले दो भाइयों, हरिओम तिवारी और घनश्याम तिवारी को मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी गई।
पीड़ितों का आरोप है कि श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस और श्रीराम फाइनेंस के ब्रांच मैनेजर नीरज शर्मा, उनकी पत्नी मीना शर्मा, कंपनी के एमडी मनोज जैन और प्रदीप ने मिलकर इस पूरी ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने दोनों भाइयों से कुल 33 लाख रुपए ऐंठ लिए और उन्हें नकली रसीदें थमा दीं।
ठगी की यह कहानी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने हरिओम तिवारी से 18 लाख रुपए और घनश्याम तिवारी से एफडी व बीमा के नाम पर 16 लाख रुपए हड़पे। हद तो तब हो गई जब ब्रांच मैनेजर नीरज शर्मा ने पीड़ित घनश्याम को शादी कराने का झांसा दिया।
शादी की बात चलाकर और बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराने का बहाना बनाकर मैनेजर ने घनश्याम के 10 से 12 बैंक चेक भी अपने पास रख लिए। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
धोखाधड़ी का यह खेल साल 2022 से लगातार चल रहा था। आरोपी लगातार पीड़ितों को झांसा दे रहे थे। आखिरकार परेशान होकर पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। वैशाली नगर थानाधिकारी गुरुदत्त सैनी ने बताया कि 29 जून को पीड़ितों से लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ित भाइयों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी गाढ़ी कमाई के पैसे जल्द से जल्द वापस दिलाए जाएं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के पास जमा उनकी बीमा पॉलिसी के बॉन्ड, हड़पी गई रकम और एसबीआई बैंक के चेक बरामद किए जाएं।
साथ ही, भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले इन जालसाजों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि किसी और के साथ ऐसा धोखा न हो। पुलिस अब बैंक खातों और कंपनी के रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुट गई है।
Published on:
02 Jul 2026 11:39 am
