अलवर के सरिस्का बफर जोन में तैनात वनपाल अखिलेश डूडी ने उमरैण रेंज चौकी में सुसाइड कर लिया। 8 साल से यहां कार्यरत वनपाल का शव सुबह कमरे में लटका मिला। पुलिस सुसाइड के कारणों की तलाश में जुटी है।
राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का बफर बाघ परियोजना के अंतर्गत आने वाली उमरैण रेंज वन चौकी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह यहां तैनात वनपाल (Forester) अखिलेश डूडी (45) का शव चौकी के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के बाद वन विभाग महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे से शराब के खाली पव्वे भी बरामद हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, घटना सिलीसेढ़ तिराहे पर स्थित उमरैण रेंज वन चौकी की है। मंगलवार सुबह जब एक ठेका कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचा, तो उसे चौकी का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो कर्मचारी पीछे के रास्ते से कमरे के भीतर दाखिल हुआ। अंदर का नजारा देख उसके होश उड़ गए; वनपाल अखिलेश डूडी का शव कुंडे से लटका हुआ था।
मृतक अखिलेश डूडी मूल रूप से खैरथल के रहने वाले थे और पिछले 8 वर्षों से इसी उमरैण नाका पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। लंबे समय से एक ही क्षेत्र में ड्यूटी करने के कारण वे स्थानीय स्तर पर काफी परिचित थे। उनकी अचानक मौत की खबर से खैरथल स्थित उनके निवास पर मातम छा गया है।
45 वर्षीय अखिलेश डूडी के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे (बेटे-बेटी) हैं। परिजनों के अनुसार उनका एक बेटा निजी क्षेत्र में नौकरी करता है, जबकि अन्य दो बच्चे फिलहाल प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। पिता की मौत ने बच्चों के भविष्य और परिवार की खुशियों को छीन लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन मौके से मिले शराब के पव्वों और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के बयानों के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।